Motilal Oswal ने Samvat 2083 के लिए अपना निवेश रोडमैप पेश किया है। ब्रोकरेज ने BFSI, मैन्युफैक्चरिंग, एक्सपोर्ट्स और डिजिटल कंजम्पशन पर दांव लगाने की सलाह दी है, ताकि बाजार की अस्थिरता के बीच पोर्टफोलियो को मजबूत रखा जा सके।
बीता संवत 2082 बाजार के लिए चुनौतियों भरा रहा है, जिसमें Nifty 12% तक फिसला। विदेशी निवेशकों की बिकवाली और कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों के बीच, Motilal Oswal Financial Services ने आने वाले साल के लिए एक सतर्क लेकिन पॉजिटिव नजरिया रखा है। ब्रोकरेज को उम्मीद है कि FY27 तक Nifty की अर्निंग ग्रोथ 16% तक पहुंच सकती है।\n\n### किन सेक्टरों पर है ब्रोकरेज की नजर?\n\n1. BFSI (बैंकिंग और फाइनेंशियल सर्विसेज): यह सेक्टर अभी भी ब्रोकरेज की पहली पसंद है। लोन ग्रोथ में निरंतरता और बेहतर मार्जिन इसे निवेश के लिए आकर्षक बनाते हैं।\n2. मैन्युफैक्चरिंग: यहाँ फोकस हाई-वैल्यू प्रोडक्ट्स जैसे एयरोस्पेस, हेल्थकेयर डिवाइस और ऑटो कंपोनेंट्स पर है। ऑर्डर बुक मजबूत होने के कारण इन कंपनियों के मुनाफे में सुधार की उम्मीद है।\n3. एक्सपोर्ट्स: भारत अब ग्लोबल आउटसोर्सिंग का हब बन रहा है। फार्मा इंग्रीडिएंट्स, टेक्सटाइल्स और पोर्ट लॉजिस्टिक्स में लॉन्ग-टर्म कॉन्ट्रैक्ट्स के चलते रेवेन्यू में स्थिरता दिख रही है।\4. डिजिटल कंजम्पशन: क्विक-कॉमर्स और ऑनलाइन फूड डिलीवरी जैसे सेक्टर में इंफ्रास्ट्रक्चर पर भारी निवेश हो रहा है, जिससे भविष्य में प्रॉफिटेबिलिटी बढ़ने की उम्मीद है।\n\n### बाजार में रिस्क और मौके\n\nफिलहाल Nifty की फॉरवर्ड वैल्यूएशन 17.5 के आसपास है, जो पहले के मुकाबले काफी बेहतर और सस्ता माना जा रहा है। हालांकि, निवेशकों को ग्लोबल जियो-पॉलिटिकल तनाव, कच्चे तेल के दाम और रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) की ब्याज दरों पर फैसलों पर कड़ी नजर रखनी होगी। डोमेस्टिक इकोनॉमी में दम जरूर है, लेकिन FII (विदेशी संस्थागत निवेशक) का रुख बाजार की दिशा तय करने में बड़ी भूमिका निभाएगा।
