ब्रोकरेज फर्म Motilal Oswal ने LG Electronics India पर 'Buy' रेटिंग बरकरार रखी है और टारगेट प्राइस ₹2,000 तय किया है। कंपनी ने Q1FY27 में शानदार नतीजे पेश किए हैं, जिसमें रेवेन्यू में **15.5%** और नेट प्रॉफिट में **27.2%** की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। निवेशक कंपनी के प्रीमियम प्रोडक्ट्स की ग्रोथ पर नजर रख रहे हैं, लेकिन कॉम्पिटिटिव प्राइसिंग और रॉ मटेरियल की कीमतों जैसे जोखिमों का भी आकलन कर रहे हैं।
Q1FY27 नतीजों से चमका LG Electronics India
घरेलू ब्रोकरेज फर्म Motilal Oswal ने LG Electronics India के लिए अपना पॉजिटिव रुख बनाए रखा है, शेयर के लिए ₹2,000 का नया टारगेट प्राइस सेट किया है। यह टारगेट कंपनी के 2027 के फाइनेंशियल ईयर की पहली तिमाही (Q1FY27) में किए गए दमदार प्रदर्शन के बाद आया है, जहां कंपनी ने टॉप-लाइन रेवेन्यू और बॉटम-लाइन प्रॉफिट दोनों में ठोस ग्रोथ दिखाई है।
नतीजों पर एक नज़र
Q1FY27 में, LG Electronics India का रेवेन्यू पिछले साल की इसी अवधि की तुलना में 15.5% बढ़कर ₹7,233 करोड़ रहा। वहीं, नेट प्रॉफिट में 27.2% की उछाल देखी गई और यह ₹652.8 करोड़ तक पहुंच गया। कंपनी के ऑपरेटिंग प्रॉफिट मार्जिन में भी सुधार हुआ है, जो पिछले साल की समान तिमाही के 11.4% से बढ़कर 12.5% हो गया। इस मार्जिन विस्तार का मुख्य कारण हायर-वैल्यू वाले प्रोडक्ट्स के मिक्स में बदलाव और प्रोडक्शन स्केल में बढ़ोतरी से आई एफिशिएंसी है।
ग्रोथ के पीछे के कारण
कंपनी के मैनेजमेंट का कहना है कि ग्रोथ सभी प्रोडक्ट कैटेगरी में ब्रॉड-बेस्ड रही है। वाशिंग मशीन और टेलीविज़न की बिक्री मुख्य ड्राइवर बनी हुई है, जबकि उपभोक्ता प्रीमियम अप्लायंसेज की ओर रुख कर रहे हैं, जिसका कंपनी को फायदा मिला है। बिजनेस-टू-बिजनेस (B2B) सेगमेंट, जिसमें HVAC और डिस्प्ले सॉल्यूशंस शामिल हैं, ने भी महत्वपूर्ण योगदान दिया है। इसके अलावा, एक्सपोर्ट्स में पिछले साल की तुलना में लगभग 30% की बढ़ोतरी हुई है। कंपनी की श्री सिटी फैसिलिटी में एक्सपेंशन का काम एक प्रमुख फोकस एरिया है, जिससे मैन्युफैक्चरिंग स्केल और लोकलाइजेशन क्षमताओं में सुधार की उम्मीद है।
वैल्यूएशन और भविष्य की राह
Motilal Oswal का ₹2,000 का रिवाइज्ड टारगेट प्राइस, 2028 के फाइनेंशियल ईयर के अनुमानित आय के 45 गुना वैल्यूएशन पर आधारित है। वर्तमान में, स्टॉक के अनुमानित FY27 और FY28 आय के क्रमशः 41 गुना और 34 गुना पर ट्रेड कर रहे हैं।
हालांकि ग्रोथ का आउटलुक पॉजिटिव बना हुआ है, कंपनी को कई इंडस्ट्री-वाइड जोखिमों का सामना करना पड़ रहा है। प्रॉफिट मार्जिन वोलेटाइल कमोडिटी की कीमतों और करेंसी में उतार-चढ़ाव के प्रति संवेदनशील हो सकते हैं। भारत में कंज्यूमर ड्यूरेबल्स सेक्टर में कड़ी प्रतिस्पर्धा है, जो प्राइसिंग पावर को सीमित कर सकती है। कंपनी की निरंतर ग्रोथ इस बात पर निर्भर करेगी कि क्या उपभोक्ता प्रीमियम प्रोडक्ट्स को पसंद करते रहेंगे और क्या कंपनी बढ़ी हुई इनपुट लागत को डिमांड पर असर डाले बिना ग्राहकों पर डालने में सफल होती है।
निवेशक अब यह देखेंगे कि कंपनी आने वाली तिमाहियों में इस डबल-डिजिट ग्रोथ को बनाए रख पाती है या नहीं। प्रीमियम होम अप्लायंसेज की डिमांड, B2B सेगमेंट की स्थिरता और संभावित रॉ मटेरियल कॉस्ट प्रेशर के मुकाबले प्रॉफिट मार्जिन को बचाने की कंपनी की क्षमता जैसे प्रमुख क्षेत्रों पर नजर रखी जाएगी।
