Billionbrains Garage: रेगुलेटरी चिंताओं के बीच Motilal Oswal ने दिया 'Buy' रेटिंग, शेयर में **25%** तेजी की उम्मीद

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AuthorAditya Rao|Published at:
Billionbrains Garage: रेगुलेटरी चिंताओं के बीच Motilal Oswal ने दिया 'Buy' रेटिंग, शेयर में **25%** तेजी की उम्मीद

Motilal Oswal ने Groww की पैरेंट कंपनी Billionbrains Garage Ventures पर भरोसा जताया है। ब्रोकरेज ने **₹240** का टारगेट प्राइस तय किया है और माना है कि कंपनी अब रेगुलेटरी बदलावों के बीच मजबूती से आगे बढ़ रही है।

Motilal Oswal ने Billionbrains Garage Ventures (Groww) के लिए एक पॉजिटिव आउटलुक जारी किया है। ब्रोकरेज का मानना है कि कंपनी का शेयर अपने हालिया स्तर ₹193 से 25% तक ऊपर जा सकता है। ब्रोकरेज के अनुसार, ब्रोकिंग सेक्टर पर रेगुलेटरी दबाव की जो चिंताएं थीं, वे अब धीरे-धीरे कम हो रही हैं क्योंकि इंडस्ट्री इन बदलावों के साथ बेहतर ढंग से तालमेल बिठा रही है।

रेगुलेटरी चुनौतियों का सामना

रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) के कड़े नियमों और CAS (सेंट्रलाइज्ड ऑथेंटिकेशन सिस्टम) लागू होने से पहले बाजार में काफी अनिश्चितता थी। हालांकि, आंकड़े बताते हैं कि Groww पर इनका असर सीमित रहा है। अगस्त 2026 में आई मामूली गिरावट के बाद, सितंबर में इंडस्ट्री का ट्रांजैक्शन वॉल्यूम 20% से ज्यादा बढ़ गया, जो दिखाता है कि रिटेल निवेशक अभी भी बाजार में सक्रिय हैं।

रेवेन्यू के नए स्रोतों पर फोकस

ब्रोकरेज का पॉजिटिव रुख इस बात पर भी टिका है कि कंपनी ने अपने बिजनेस मॉडल को बदला है। अब कंपनी सिर्फ फ्यूचर्स और ऑप्शंस ट्रेडिंग पर निर्भर नहीं है। फाइनेंशियल ईयर 2027 की पहली तिमाही में डेरिवेटिव्स ट्रेडिंग का योगदान घटकर 52% रह गया है, जो पिछले साल 56.4% था। इसकी भरपाई कंपनी मार्जिन ट्रेडिंग, क्रेडिट ऑफरिंग्स और कमोडिटी जैसे नए प्रोडक्ट्स के जरिए कर रही है।

सितंबर 2026 में प्लेटफॉर्म ने नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) पर 1.54 लाख नए एक्टिव क्लाइंट्स जोड़े हैं, जिसके साथ कुल यूजर बेस 2.35 करोड़ तक पहुंच गया है। यह पिछले साल की तुलना में 24% की शानदार बढ़ोतरी है। साथ ही, रिटेल इक्विटी-डेरिवेटिव्स में कंपनी का मार्केट शेयर 7.2% से बढ़कर 11% हो गया है।

रिस्क फैक्टर को समझना

निवेशकों को यह ध्यान रखना चाहिए कि यह सेक्टर सरकारी और रेगुलेटरी फैसलों के प्रति बेहद संवेदनशील है। भविष्य में कोई भी सख्त नियम बिजनेस की ग्रोथ को प्रभावित कर सकता है। इसके अलावा, कंपनी की कमाई सीधे बाजार की वोलेटिलिटी और ट्रेडिंग वॉल्यूम से जुड़ी है। साथ ही, क्रेडिट और वेल्थ मैनेजमेंट जैसे नए क्षेत्रों में बैंकों के साथ प्रतिस्पर्धा करना एक बड़ी चुनौती बनी रहेगी।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.