Motilal Oswal ने Pearl Global Industries के लिए अपने टारगेट प्राइस को बढ़ाकर **₹1,500** कर दिया है। ब्रोकरेज का मानना है कि कंपनी का आक्रामक कैपेसिटी एक्सपेंशन और वैल्यू-एडेड प्रोडक्ट्स पर फोकस इसे लंबी अवधि में नई ऊंचाइयों पर ले जाएगा।
ग्रोथ का बड़ा रोडमैप
ब्रोकरेज फर्म Motilal Oswal ने Pearl Global Industries की आने वाली ग्रोथ को देखते हुए अपना नजरिया पॉजिटिव रखा है। कंपनी ने FY28 तक ₹6,000 करोड़ के रेवेन्यू का लक्ष्य रखा है। वहीं, 2030 तक कंपनी ₹9,000 करोड़ से ₹10,000 करोड़ के रेवेन्यू का आंकड़ा छूना चाहती है।
इस लक्ष्य को हासिल करने के लिए प्रोडक्शन कैपेसिटी को वर्तमान 10.8 करोड़ पीस से बढ़ाकर 2030 तक 17.5 करोड़ पीस तक ले जाने की योजना है। कंपनी का अनुमान है कि वह 80% की कैपेसिटी यूटिलाइजेशन रेट को बनाए रखेगी।
मार्जिन सुधार की रणनीति
कंपनी अब हाई-वैल्यू नीट (knit) आइटम्स पर अपना फोकस शिफ्ट कर रही है। इससे ऑपरेटिंग प्रॉफिट मार्जिन में 12% से 14% तक की बढ़ोतरी होने की उम्मीद है, जो कि मौजूदा स्तर से लगभग 3% अधिक है। ऑपरेशनल एफिशिएंसी और बड़े पैमाने पर काम करने से कंपनी को लागत घटाने में मदद मिलेगी।
निवेश से पहले रिस्क फैक्टर
हालांकि ग्रोथ की कहानी बड़ी है, लेकिन गारमेंट एक्सपोर्ट बिजनेस में कुछ जोखिम भी हैं। अमेरिकी और यूरोपीय बाजारों में मांग घटने का सीधा असर कंपनी के ऑर्डर बुक और कैपेसिटी यूटिलाइजेशन पर पड़ सकता है। इसके अलावा, कपास (cotton) और यार्न (yarn) की कीमतों में अस्थिरता और विदेशी करेंसी एक्सचेंज रेट्स में बदलाव कंपनी के मुनाफे पर दबाव डाल सकते हैं।
निवेशकों को कंपनी के हर तिमाही के यूटिलाइजेशन रेट्स, नए प्रोजेक्ट्स की प्रगति और ग्लोबल मार्केट्स से आने वाले ऑर्डर्स पर बारीक नजर रखने की जरूरत होगी।
