ब्रोकरेज हाउस Motilal Oswal ने NTPC पर अपनी न्यूट्रल रेटिंग बरकरार रखी है और शेयर के लिए **₹360** का टारगेट तय किया है। कंपनी ने वित्त वर्ष 2027 की दूसरी तिमाही में अनुमान से बेहतर नतीजे पेश किए, लेकिन रिन्यूएबल एनर्जी प्रोजेक्ट्स में देरी और मार्जिन दबाव ने निवेशकों की चिंता बढ़ा दी है।
ब्रोकरेज फर्म Motilal Oswal ने सरकारी बिजली कंपनी NTPC पर अपनी 'न्यूट्रल' स्टैंड बनाए रखी है। वित्त वर्ष 2027 की दूसरी तिमाही के नतीजों के बाद यह स्पष्ट हुआ है कि कंपनी ने हेडलाइन नंबर्स तो मजबूत दिखाए हैं, लेकिन ऑपरेशनल फ्रंट पर चुनौतियां बरकरार हैं।
नतीजों का लेखा-जोखा
कंपनी का स्टैंडअलोन रेवेन्यू ₹458 अरब रहा, जो बाजार के अनुमान से 11% ज्यादा है। वहीं, एडजस्टेड प्रॉफिट आफ्टर टैक्स (APAT) ₹53.4 अरब तक पहुंचा, जो उम्मीदों से 14% बेहतर है। हालांकि, ब्रोकरेज का मानना है कि मुनाफे में यह उछाल मुख्य रूप से रेगुलेटरी डिफरल इनकम (Regulatory Deferral Income) की वजह से आया है, न कि कोर ऑपरेशन्स से। इस तरह का मुनाफा भविष्य में दोबारा मिलना मुश्किल हो सकता है।
मार्जिन पर दबाव और ऑपरेशनल चुनौतियां
NTPC के कोयला आधारित प्लांट्स का प्रदर्शन स्थिर रहा और पहली छमाही में प्लांट लोड फैक्टर (PLF) 75.11% दर्ज किया गया। इसके बावजूद कंपनी के मार्जिन में गिरावट दिखी है। तिमाही के लिए EBITDA ₹109 अरब रहा, जबकि मार्जिन सालाना आधार पर 180 बेसिस पॉइंट्स घटकर 23.8% रह गया। यह मार्जिन में कमी कंपनी के बढ़ते खर्चों और बाजार के प्रतिस्पर्धी माहौल की ओर इशारा करती है।
रिन्यूएबल एनर्जी की राह में कांटे
ब्रोकरेज के लिए सबसे बड़ी चिंता रिन्यूएबल एनर्जी ट्रांजिशन की रफ्तार है। NTPC ने वित्त वर्ष 2027 के लिए रिन्यूएबल कैपेसिटी एडिशन का लक्ष्य 8 GW से घटाकर 6.5 GW कर दिया है। इसकी मुख्य वजह ट्रांसमिशन बाधाएं हैं, जो प्रोजेक्ट्स को समय पर पूरा होने से रोक रही हैं।
अंत में, मोतीलाल ओसवाल की राय में शेयर की वर्तमान वैल्युएशन में बहुत ज्यादा तेजी की गुंजाइश कम है। अब निवेशकों को इस बात पर नजर रखनी चाहिए कि कंपनी अपनी NGEL सब्सिडियरी के तहत प्रोजेक्ट्स को कितनी तेजी से पूरा करती है और अपने थर्मल बिजनेस के मार्जिन को कैसे मैनेज करती है।
