SPR Auto Technologies: दिग्गज ब्रोकरेज Motilal Oswal ने दी 'Buy' रेटिंग, ₹6,150 का दिया टारगेट

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AuthorSaanvi Reddy|Published at:
SPR Auto Technologies: दिग्गज ब्रोकरेज Motilal Oswal ने दी 'Buy' रेटिंग, ₹6,150 का दिया टारगेट

ब्रोकरेज फर्म Motilal Oswal ने SPR Auto Technologies पर अपना भरोसा कायम रखते हुए 'Buy' रेटिंग दी है। कंपनी के शानदार रेवेन्यू ग्रोथ के बीच एक्सपर्ट्स ने ₹6,150 का टारगेट प्राइस सेट किया है। हालांकि, तेजी से हो रहे विस्तार और बदल रहे सेल्स मिक्स के कारण मार्जिन पर दबाव निवेशकों की चिंता का विषय बना हुआ है।

ब्रोकरेज फर्म Motilal Oswal ने SPR Auto Technologies पर अपनी बुलिश राय बरकरार रखी है और शेयर के लिए ₹6,150 का टारगेट प्राइस तय किया है। ब्रोकरेज की यह उम्मीद सितंबर 2028 के अर्निंग्स फोरकास्ट पर आधारित है, जो कंपनी के एक पारंपरिक पिस्टन निर्माता से एक बड़ी 'टेक्नोलॉजी-ड्रिवन मोबिलिटी प्लेटफॉर्म' में बदलने के सफर पर भरोसा जताती है।

शानदार रेवेन्यू, मार्जिन पर दबाव

वित्तीय वर्ष 2027 की दूसरी तिमाही में कंपनी ने जबरदस्त प्रदर्शन किया है। इसका कंसोलिडेटेड रेवेन्यू साल-दर-साल 60% से ज्यादा बढ़कर ₹16.75 अरब पर पहुंच गया है, जबकि नेट प्रॉफिट 14.1% की उछाल के साथ ₹1.62 अरब रहा। यह उछाल मुख्य रूप से ओरिजिनल इक्विपमेंट मैन्युफैक्चरर्स (OEMs) की मजबूत डिमांड के कारण आया है।

हालांकि, सेल्स में ग्रोथ के बावजूद प्रॉफिट मार्जिन पर दबाव देखा गया है। कंपनी का EBITDA मार्जिन इस तिमाही में 17.9% रहा, जो पिछले साल की समान अवधि में 22.4% था। बाजार के जानकारों का मानना है कि यह गिरावट सेल्स मिक्स में बदलाव के कारण है। कंपनी अब बड़े वाहन निर्माताओं को ज्यादा उत्पाद बेच रही है, जिसका मार्जिन उसके पारंपरिक हाई-मार्जिन वाले आफ्टरमार्केट बिजनेस की तुलना में कम होता है।

आक्रामक विस्तार और रिस्क फैक्टर्स

अपनी नई रणनीति को फंड करने के लिए कंपनी ने अगस्त 2026 में क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल प्लेसमेंट (QIP) के जरिए ₹10 अरब जुटाए थे। कंपनी लगातार Antolin, Takahata, TGPEL और EMFi जैसी कंपनियों का अधिग्रहण कर रही है ताकि अपना पोर्टफोलियो डायवर्सिफाई कर सके।

निवेशकों को यह ध्यान रखना चाहिए कि इस आक्रामक विस्तार से कंपनी का कर्ज बढ़ा है। पिछले फाइनेंशियल ईयर में डेट-टू-इक्विटी रेशियो 0.59x दर्ज किया गया था। इसके अलावा, कच्चा माल (Raw Material) की कीमतों में उतार-चढ़ाव और ग्लोबल इकोनॉमिक स्लोडाउन जैसी चुनौतियां भी बनी हुई हैं। कंपनी के भविष्य का रास्ता इस बात पर टिका है कि वह कैसे अपने मार्जिन में सुधार करती है, नए अधिग्रहणों को इंटीग्रेट करती है और कर्ज को मैनेज करती है।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.