Motilal Oswal ने Gabriel India पर अपनी 'Buy' रेटिंग बरकरार रखी है और शेयर के लिए **₹1,664** का टारगेट तय किया है। टू-व्हीलर और पैसेंजर व्हीकल सेगमेंट में दमदार ग्रोथ के बावजूद, बढ़ती इनपुट कॉस्ट के कारण कंपनी के मुनाफे पर दबाव बना हुआ है।
Motilal Oswal Financial Services ने Gabriel India पर अपनी सकारात्मक राय कायम रखी है। ब्रोकरेज का मानना है कि कंपनी जिस तरह से एक डाइवर्सिफाइड मोबिलिटी प्लेटफॉर्म के रूप में खुद को बदल रही है, वह भविष्य के लिए बड़ा ट्रिगर हो सकता है।
नतीजों का हाल
फाइनेंशियल ईयर 2027 की दूसरी तिमाही में कंपनी ने ₹16.1 अरब का रेवेन्यू हासिल किया, जो पिछले साल की इसी अवधि के मुकाबले 23% अधिक है। हालांकि टॉप-लाइन में ग्रोथ अच्छी रही, लेकिन बॉटम-लाइन पर दबाव साफ दिखा। कंपनी का EBITDA ₹1.4 अरब रहा और मार्जिन पिछले साल के 9.6% से घटकर 8.8% पर आ गया।
जानकारों का मानना है कि वेस्ट एशिया में जारी संकट के कारण कच्चे माल (Raw Materials) की लागत बढ़ गई है। कंपनी ने बढ़ी हुई लागत को ग्राहकों पर डालने (Pass-through) में थोड़ा समय लिया, जिसका असर मार्जिन पर दिखा। उम्मीद है कि आने वाली तिमाहियों में जैसे ही कॉस्ट एडजस्ट होगी, मार्जिन में सुधार देखने को मिलेगा।
पोर्टफोलियो में बदलाव और स्ट्रैटेजी
Gabriel India अब केवल शॉक एब्जॉर्बर तक सीमित नहीं रहना चाहती। कंपनी ने HL Mando Anand India और HL Klemove India में हिस्सेदारी खरीदकर अपना दायरा बढ़ाया है। इसके अलावा, 6 अक्टूबर 2026 को कंपनी ने Faurecia Automotive Seating India के साथ एक नए जॉइंट वेंचर (JV) का ऐलान किया है। निवेशकों के लिए कंपनी ने ₹2.15 प्रति शेयर का अंतरिम डिविडेंड भी घोषित किया है।
रिस्क और ध्यान देने वाली बातें
आक्रामक विस्तार के साथ चुनौतियां भी हैं। नई कंपनियों और जॉइंट वेंचर को इंटीग्रेट करना मैनेजमेंट के लिए एक टास्क होगा। साथ ही, ऑटो कंपोनेंट सेक्टर की साइक्लिकल नेचर को देखते हुए, गाड़ियों की मांग में सुस्ती कंपनी की ग्रोथ को प्रभावित कर सकती है। इसके अलावा, अधिग्रहण के लिए लिए गए कर्ज (Debt) के स्तर पर भी निवेशकों को नजर रखनी होगी।
