भारत का कंज्यूमर ड्यूरेबल्स मार्केट इस फेस्टिव सीजन में असमान ग्रोथ देख रहा है, जहां मास-मार्केट के मुकाबले प्रीमियम प्रोडक्ट्स की मांग ज्यादा है। Motilal Oswal के मुताबिक, इंडस्ट्रियल डिमांड और प्रीमियम सेगमेंट पर फोकस करने वाली कंपनियां इस दौर में बेहतर प्रदर्शन कर सकती हैं।
बाजार में क्या चल रहा है?
फेस्टिव सीजन के दौरान नवरात्रि में बिक्री में साल-दर-साल 25-30% का उछाल तो दिखा, लेकिन इंडस्ट्री की ओवरऑल स्थिति सुस्त बनी हुई है। बड़ी चुनौती यह है कि लोग पुराने अप्लायंसेज को बदलने के बजाय उन्हें ज्यादा समय तक इस्तेमाल करना पसंद कर रहे हैं। डेटा के मुताबिक, पुराने प्रोडक्ट्स को बदलकर नए लेने की दर पिछले साल के 30% से गिरकर अब महज 12% रह गई है।
कैटेगरीज का हाल
- एयर कंडीशनर्स: गर्मी के असर के चलते वॉल्यूम में 60% की जोरदार बढ़ोतरी देखी गई है।
- टेलीविजन: बड़े स्क्रीन वाले प्रीमियम टीवी की मांग तो है, लेकिन इलेक्ट्रॉनिक पैनल और सेमीकंडक्टर महंगे होने के कारण इनके दाम 20% से ज्यादा बढ़ गए हैं, जिससे आम खरीदार फिलहाल खरीदारी टाल रहे हैं।
Polycab क्यों है खास?
Motilal Oswal का मानना है कि Polycab India का इंडस्ट्रियल और रियल एस्टेट बिजनेस उसे इस अस्थिरता से निपटने में मदद कर रहा है। कंपनी का फोकस अब फास्ट-मूविंग इलेक्ट्रिकल गुड्स और हाई-वोल्टेज कैपेसिटी पर है, जो उसे कंज्यूमर सेंटीमेंट के उतार-चढ़ाव से बचाए रखता है।
वहीं, LG Electronics भी प्रीमियम सेगमेंट में काफी आक्रामक है, लेकिन ध्यान रहे कि LG Electronics India एक प्राइवेट कंपनी है और यह भारतीय शेयर बाजार में लिस्टेड नहीं है, इसलिए निवेशक इसमें सीधे निवेश नहीं कर सकते। आने वाले समय में कंपनियों के लिए मार्जिन बनाए रखना और सेमीकंडक्टर जैसे रॉ मटेरियल की कीमतों पर काबू पाना सबसे बड़ी चुनौती होगी।
