Motilal Oswal ने Amara Raja Energy & Mobility पर न्यूट्रल रेटिंग बरकरार रखी है। हालांकि कंपनी का मुनाफा ब्रोकरेज के अनुमान से बेहतर रहा है, लेकिन बढ़ते कर्ज और कच्चे माल की कीमतों ने निवेशकों की चिंता बढ़ा दी है।
फाइनेंशियल परफॉर्मेंस का हाल
फाइनेंशियल ईयर 2027 की दूसरी तिमाही में Amara Raja Energy & Mobility का रेवेन्यू ₹4,108.7 करोड़ रहा, जो पिछले साल के मुकाबले 18.5% अधिक है। हालांकि, नेट प्रॉफिट 44.8% घटकर ₹152.5 करोड़ पर आ गया है। कंपनी का EBITDA मार्जिन भी पिछले साल के 10.8% से फिसलकर 8.8% रह गया है। ब्रोकरेज का मानना है कि मुनाफे के आंकड़े भले ही उम्मीद से 13% बेहतर रहे हों, लेकिन मार्जिन पर दबाव साफ दिख रहा है।
क्यों बढ़ रही है निवेशकों की चिंता?
कंपनी के सामने सबसे बड़ी चुनौती रॉ मटीरियल जैसे अलॉय, सल्फ्यूरिक एसिड और पॉलीप्रोपाइलीन की लगातार बढ़ती कीमतें हैं। इसके साथ ही, कंपनी ने ₹2,320 करोड़ के भारी-भरकम निवेश को मंजूरी दी है, जिससे बैटरी पैक कैपेसिटी को 9 GWh तक बढ़ाया जा सके और LFP सेल प्लांट लगाया जा सके।
कर्ज और भविष्य की राह
'न्यू एनर्जी' सेक्टर में इस आक्रामक विस्तार के लिए कंपनी काफी हद तक कर्ज (Debt) पर निर्भर है। बढ़ते इंटरेस्ट एक्सपेंस सीधे तौर पर कंपनी के बॉटम लाइन को प्रभावित कर रहे हैं। इसी को देखते हुए ब्रोकरेज ने FY27 और FY28 के लिए अपनी अर्निंग अनुमानों को घटा दिया है। अब निवेशकों की नजर इस बात पर होगी कि कंपनी अपने पारंपरिक लेड-एसिड बिजनेस से मिलने वाले कैश को नए लिथियम-आयन प्रोजेक्ट्स में कितनी कुशलता से इस्तेमाल कर पाती है और कर्ज का बोझ कितना नियंत्रित रहता है।
