ब्रोकरेज फर्म Motilal Oswal ने Kaynes Technology पर अपना 'BUY' रेटिंग बरकरार रखा है और शेयर के लिए ₹5,000 का टारगेट प्राइस तय किया है। हालिया Q1 FY27 नतीजों में कंपनी के रेवेन्यू में **40%** की मजबूत ग्रोथ दिखी, लेकिन नेट प्रॉफिट में **24%** की गिरावट आई, जो एनालिस्ट्स के अनुमानों से कम है। निवेशक अब बढ़ती लागत और कर्ज के असर का मूल्यांकन कर रहे हैं।
Motilal Oswal का भरोसा बरकरार
Motilal Oswal ने Kaynes Technology के लिए 'BUY' रेटिंग को बनाए रखते हुए शेयर का टारगेट प्राइस ₹5,000 रखा है। यह आउटलुक कंपनी के फाइनेंशियल ईयर 2027 की पहली तिमाही के नतीजों के बाद आया है। नतीजों में मजबूत डिमांड ग्रोथ के बावजूद ऑपरेशनल लागतों में बढ़ोतरी देखने को मिली, जिससे निवेशकों के लिए एक मिली-जुली तस्वीर पेश हुई है।
रेवेन्यू में जोरदार उछाल
Q1 FY27 के लिए Kaynes Technology का कंसोलिडेटेड रेवेन्यू ₹946 करोड़ रहा, जो पिछले साल की समान अवधि की तुलना में 40.5% अधिक है। 30 जून 2026 तक कंपनी का ऑर्डर बुक लगभग ₹8,900 करोड़ पर था, जो साल-दर-साल 20% की बढ़ोतरी दिखाता है। यह ग्रोथ ऑटोमोटिव, इंडस्ट्रियल और एयरोस्पेस जैसे सेक्टर्स से मिली है, जो कंपनी की इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग सर्विसेज की मांग को बढ़ा रहे हैं।
मुनाफे पर पड़ा दबाव
शानदार रेवेन्यू परफॉरमेंस के बावजूद, कंपनी का बॉटम लाइन दबाव में रहा। इस तिमाही में कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट में साल-दर-साल 24.4% की गिरावट आई और यह ₹56.4 करोड़ रहा, जो ₹69 करोड़ के अनुमान से कम है। EBITDA ₹147.6 करोड़ रहा, जो 31% की बढ़ोतरी दर्शाता है, लेकिन EBITDA मार्जिन 120 बेसिस पॉइंट घटकर 15.6% रह गया।
मुनाफे और मार्जिन में इस गिरावट की मुख्य वजह ऑपरेशनल लागतों में बढ़ोतरी है। कंपनी 10% से 35% तक कंपोनेंट प्राइस इन्फ्लेशन से जूझ रही है। इसके अलावा, OSAT (Outsourced Semiconductor Assembly and Test) और PCB (Printed Circuit Board) कैपेसिटी में विस्तार के लिए आक्रामक खर्च से डेप्रिसिएशन और इंटरेस्ट एक्सपेंस बढ़ गए हैं। ये कैपिटल-इंटेंसिव प्रोजेक्ट्स लॉन्ग-टर्म ग्रोथ के लिए ज़रूरी हैं, लेकिन शॉर्ट-टर्म अर्निंग्स पर तत्काल दबाव डाल रहे हैं।
निवेशकों के लिए ध्यान देने योग्य बातें और जोखिम
Nuvama, Nomura और JM Financial जैसी अन्य ब्रोकरेज फर्मों ने स्टॉक को लेकर अधिक सतर्क रुख अपनाया है। उनकी चिंताएं मुख्य रूप से कंपनी के वर्किंग कैपिटल की ज़रूरतें, इन्वेंटरी मैनेजमेंट और बढ़ते कर्ज के स्तर पर केंद्रित हैं। जैसे-जैसे कंपनी नई मैन्युफैक्चरिंग कैपेसिटी में निवेश कर रही है, कैश फ्लो बनाए रखना और कर्ज को कंट्रोल करना वित्तीय स्थिरता के लिए महत्वपूर्ण होगा।
आने वाली तिमाहियों में निवेशकों को यह देखना होगा कि कंपनी बढ़ती कंपोनेंट लागतों को ग्राहकों पर कितना पास कर पाती है और अपने प्रॉफिट मार्जिन को कैसे सुधारती है। मजबूत ऑर्डर बुक डिमांड की निरंतरता का संकेत देती है, लेकिन कर्ज और नए प्रोजेक्ट्स से होने वाले हाई डेप्रिसिएशन का असर, कंपनी के ग्रोथ टारगेट्स को पूरा करने में मुख्य निर्धारक होगा।
