Motilal Oswal ने Go Fashion (India) Ltd पर अपनी 'Buy' रेटिंग बरकरार रखी है। कंपनी का कर्ज-मुक्त होना और भारी कैश रिजर्व इसे कठिन समय में मजबूती दे रहे हैं, हालांकि त्योहारी सीजन के कैलेंडर में बदलाव के कारण Q2 FY2027 में राजस्व में **3%** की मामूली गिरावट आई है।
मुनाफे पर दबाव की असल वजह
सितंबर 2026 को समाप्त तिमाही में कंपनी को कुछ चुनौतियों का सामना करना पड़ा। त्योहारी सीजन के कैलेंडर में बदलाव की वजह से रिटेल स्टोर तक स्टॉक पहुँचने में देरी हुई, जिसका असर सीधे रेवेन्यू पर दिखा। नतीजों में प्री-Ind AS EBITDA 40% गिरकर ₹20 करोड़ (INR 200 million) पर आ गया है। वहीं, प्रॉफिट मार्जिन 570 बेसिस पॉइंट्स घटकर 9.2% रह गया। इसके पीछे मुख्य कारण फैब्रिक की बढ़ती लागत और ब्रांड मार्केटिंग पर हुआ खर्च है।
क्यों सुरक्षित है कंपनी?
इतनी चुनौतियों के बावजूद, कंपनी के पास ₹250 करोड़ (INR 2.5 billion) का कैश रिजर्व है, जो इसके कुल मार्केट कैप का लगभग 20% है। सबसे अच्छी बात यह है कि कंपनी पूरी तरह कर्ज-मुक्त (Debt-free) है, जो इसे बाजार की अस्थिरता के बीच बड़ा सहारा देती है।
नई रणनीति: बड़े स्टोर फॉर्मेट की ओर कदम
कंपनी अब अपने पारंपरिक छोटे स्टोर से हटकर 750 स्क्वायर फीट से बड़े स्टोर खोलने पर ध्यान दे रही है। शुरुआती आंकड़ों के अनुसार, इन बड़े स्टोर्स का सेम-स्टोर सेल्स ग्रोथ (SSSG) 2-3% सकारात्मक रहा है, जो कंपनी की रणनीति के सही दिशा में होने का संकेत है।
अभी स्टॉक ₹242-245 के आसपास ट्रेड कर रहा है, जो अपने 52-वीक हाई ₹650 से काफी नीचे है। ब्रोकरेज का मानना है कि मार्जिन से जुड़ी चिंताएं पहले ही स्टॉक प्राइस में डिस्काउंट हो चुकी हैं, इसलिए निवेशकों के लिए यह एक अच्छा मौका हो सकता है।
निवेशकों के लिए चेतावनी
निवेशकों को सलाह दी जाती है कि वे कंपनी की विस्तार योजना की गति पर नज़र रखें, क्योंकि सही लोकेशंस पर बड़े स्टोर के लिए जगह हासिल करना महंगा और प्रतिस्पर्धी हो सकता है। साथ ही, कच्चे माल की बढ़ती महंगाई और कमजोर कंज्यूमर डिमांड आगे भी मार्जिन पर दबाव डाल सकती है।
