Indian Oil Corporation (IOCL) ने अपने शानदार तिमाही नतीजों से बाजार को हैरान कर दिया है, लेकिन ब्रोकरेज हाउस Motilal Oswal ने स्टॉक पर 'न्यूट्रल' रेटिंग बरकरार रखते हुए इसे **₹135** का टारगेट दिया है।
उम्मीदों से बेहतर प्रदर्शन
Indian Oil Corporation ने फाइनेंशियल ईयर 2027 की दूसरी तिमाही में बेहतरीन आंकड़े पेश किए हैं। कंपनी का EBITDA ₹303 अरब रहा, जो बाजार के ₹115 अरब के अनुमान से कहीं ज्यादा है। इतना ही नहीं, कंपनी का नेट प्रॉफिट ₹216 अरब दर्ज किया गया, जो अनुमानित ₹63 अरब से तीन गुना ज्यादा है।
इस दमदार प्रदर्शन के पीछे मार्केटिंग मार्जिन में सुधार बड़ी वजह है, जो ₹-0.7 प्रति लीटर दर्ज किया गया, जबकि अनुमान ₹-7.7 प्रति लीटर का था। साथ ही, LPG सेल से जुड़ी लागत में कमी आने से भी कंपनी को बड़ा सहारा मिला, जहां अंडर-रिकवरी लागत पिछली तिमाही के ₹102 अरब से घटकर ₹64 अरब पर आ गई।
क्यों सतर्क हैं ब्रोकरेज?
इतने अच्छे आंकड़ों के बावजूद, Motilal Oswal ने अपनी 'न्यूट्रल' रेटिंग नहीं बदली है। ब्रोकरेज का मानना है कि मौजूदा स्टॉक प्राइस अपनी अर्निंग पोटेंशियल के लिहाज से ठीक लेवल पर है। यह शेयर फाइनेंशियल ईयर 2028 के अनुमानित EPS के 6 गुना और प्राइस-टू-बुक रेशियो के 0.7 गुना पर ट्रेड कर रहा है।
विश्लेषकों के अनुसार, हालिया मुनाफा मार्केटिंग मार्जिन और इन्वेंट्री गेन की वजह से बढ़ा है, न कि ऑपरेशनल वॉल्यूम में ठोस बढ़त से। चूँकि रिफाइनिंग मार्जिन काफी हद तक ग्लोबल डिमांड और कच्चे तेल की कीमतों पर निर्भर करता है, इसलिए ब्रोकरेज फिलहाल सुरक्षित रहने की सलाह दे रहा है।
निवेशकों के लिए चेतावनी
निवेशकों को ध्यान रखना चाहिए कि कंपनी का भविष्य ग्लोबल क्रूड ऑयल की कीमतों में उतार-चढ़ाव और सरकारी नीतियों पर टिका है। यदि फ्यूल प्राइसिंग को लेकर सरकार कोई बड़ा बदलाव करती है, तो मार्जिन पर दबाव आ सकता है। आने वाली तिमाहियों में यह देखना अहम होगा कि क्या कंपनी अपने इस मुनाफे को बरकरार रख पाती है या नहीं।
