Q2 में नेट लॉस के बावजूद ब्रोकरेज हाउस Motilal Oswal ने Prataap Snacks पर अपना 'Buy' रेटिंग बरकरार रखा है। कंपनी का रेवेन्यू **26%** बढ़ा है, लेकिन बढ़ती लागत ने मुनाफे पर चोट की है। अब निवेशकों की नजर कंपनी के नए कैपेसिटी एक्सपेंशन और कर्ज के प्रबंधन पर टिकी है।
मुनाफे पर क्यों लगी सेंध?
कंपनी ने सितंबर 2026 तिमाही में ₹540.95 करोड़ का रेवेन्यू दर्ज किया है, जो साल-दर-साल आधार पर 25.9% ज्यादा है। हालांकि, टॉपलाइन में यह बढ़त बॉटमलाइन तक नहीं पहुंच सकी। कंपनी ने इस तिमाही में ₹2.50 करोड़ का स्टैंडअलोन नेट लॉस दर्ज किया है, जबकि पिछले साल की समान अवधि में कंपनी ₹4.64 करोड़ के मुनाफे में थी।
मुनाफे में इस गिरावट की सबसे बड़ी वजह कच्चे माल की बढ़ती कीमतें रहीं। कंपनी के ग्रॉस मार्जिन में 430 बेसिस पॉइंट्स की गिरावट आई और यह 25.5% पर आ गया। वहीं, EBITDA मार्जिन घटकर 2.4% रह गया। पाम ऑयल और पैकेजिंग सामग्री की कीमतों में 33.7% का उछाल आने से कंपनी का मुनाफा बुरी तरह प्रभावित हुआ है।
बड़ा निवेश और कर्ज का गणित
भविष्य की ग्रोथ के लिए कंपनी इंदौर के पास एक नया ग्रीनफील्ड मैन्युफैक्चरिंग प्लांट लगाने की तैयारी कर रही है। इस प्रोजेक्ट का कैपिटल एक्सपेंडिचर (CapEx) ₹4.2 अरब है। इसे फंड करने के लिए कंपनी अपने पास मौजूद कैश के अलावा ₹2.5 अरब का टर्म डेट (Debt) लेगी। निवेशकों के लिए यह एक चुनौतीपूर्ण स्थिति है, क्योंकि एक तरफ उत्पादन क्षमता बढ़ेगी तो दूसरी तरफ बढ़ता कर्ज कंपनी पर दबाव डाल सकता है, खासकर तब जब रॉ मटीरियल की कीमतों में अस्थिरता बनी हुई है।
आगे की राह
पैकेज्ड स्नैक्स सेक्टर में तगड़ा कॉम्पिटिशन है, जिससे कंपनियां आसानी से लागत का बोझ ग्राहकों पर नहीं डाल पा रही हैं। अब निवेशकों को इस बात पर नजर रखनी चाहिए कि कंपनी अपनी लागत को कैसे ऑप्टिमाइज करती है और नए प्लांट की प्रगति कैसी रहती है। मार्जिन में रिकवरी ही आने वाले समय में स्टॉक के प्रदर्शन को दिशा देगी।
