Motilal Oswal ने HDFC Bank पर अपनी 'Buy' रेटिंग बरकरार रखी है और शेयर के लिए **₹925** का टारगेट दिया है। ब्रोकरेज का मानना है कि फाइनेंशियल ईयर 2028 तक बैंक के मुनाफे में सुधार देखने को मिल सकता है, भले ही बैंक अभी बड़े बदलावों के दौर से गुजर रहा हो।
मैनेजमेंट में बड़े बदलावों का दौर
बैंक इस समय अपनी लीडरशिप टीम में एक बड़े बदलाव के दौर से गुजर रहा है। MD और CEO शशिधर जगदीशन ने साफ कर दिया है कि वे दोबारा नियुक्ति नहीं चाहेंगे और उनका कार्यकाल 26 अक्टूबर, 2026 को समाप्त हो जाएगा। इसी तरह, CFO श्रीनिवासन वैद्यनाथन नवंबर 2026 में रिटायर होंगे, जबकि अतानु चक्रवर्ती के बाद राजीव कुमार चेयरमैन की भूमिका संभालेंगे। बैंक ने निरंतरता बनाए रखने के लिए पुनीत शर्मा को 1 सितंबर, 2026 से नया CFO नामित किया है।
ब्रोकरेज की गणित और उम्मीदें
इन चुनौतियों के बावजूद, Motilal Oswal ने बैंक के लॉन्ग-टर्म ग्रोथ पर भरोसा जताया है। ₹925 का टारगेट प्राइस फाइनेंशियल ईयर 2028 की अनुमानित बुक वैल्यू के 1.8 गुना और सहायक कंपनियों से मिलने वाले ₹128 प्रति शेयर के आधार पर तय किया गया है। विश्लेषकों को उम्मीद है कि FY28 तक रिटर्न ऑन एसेट्स (RoA) लगभग 1.8% पर स्थिर हो जाएगा।
निवेशकों के लिए क्यों है यह खास?
पिछले 6 महीनों में HDFC Bank के शेयर में 18% की गिरावट आई है। ब्रोकरेज का मानना है कि मैनेजमेंट में अनिश्चितता के कारण आई यह गिरावट निवेशकों के लिए एक एंट्री पॉइंट हो सकती है, बशर्ते बैंक अपने ट्रांजिशन प्लान को बिना किसी बाधा के लागू कर सके।
हालांकि, बैंक के सामने अभी भी डिपॉजिट मोबिलाइजेशन और मर्जर के बाद के इंटीग्रेशन जैसी बड़ी चुनौतियां हैं। आने वाले समय में बाजार की नजर इस बात पर होगी कि नई टीम किस तरह इन ऑपरेशन्स को संभालती है और मुनाफे की स्थिरता को कैसे बनाए रखती है।
