DLF Share Price: ब्रोकरेज ने दी 'Buy' रेटिंग, टारगेट ₹755! बिक्री में भारी गिरावट के बावजूद जानिए क्यों बुलिश हैं Analysists

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AuthorSaanvi Reddy|Published at:
DLF Share Price: ब्रोकरेज ने दी 'Buy' रेटिंग, टारगेट ₹755! बिक्री में भारी गिरावट के बावजूद जानिए क्यों बुलिश हैं Analysists

रियल एस्टेट दिग्गज DLF के लिए ब्रोकरेज फर्म Motilal Oswal का नजरिया अभी भी पॉजिटिव बना हुआ है। ब्रोकरेज ने स्टॉक पर 'Buy' रेटिंग बरकरार रखी है और ₹755 का टारगेट प्राइस तय किया है। यह तब है जब कंपनी की पहली तिमाही (Financial Year 2027) में सेल्स बुकिंग में **94%** की भारी गिरावट दर्ज की गई थी।

प्रोजेक्ट लॉन्च में देरी का असर

DLF ने Financial Year 2027 की पहली तिमाही में ₹6.6 बिलियन की सेल्स बुकिंग दर्ज की, जो पिछले साल की इसी अवधि के मुकाबले 94% कम है। कंपनी के मैनेजमेंट का कहना है कि यह बड़ी गिरावट मुख्य रूप से नए प्रोजेक्ट लॉन्च में हुई देरी के कारण है। इस सप्लाई की कमी का असर कंपनी के रेवेन्यू पर भी पड़ा, जो सालाना आधार पर 53% घटकर ₹1,280 करोड़ रहा। हालांकि, इसके बावजूद कंपनी का नेट प्रॉफिट 4% बढ़कर ₹794 करोड़ हो गया, जो कि घटते रेवेन्यू के बावजूद बॉटम लाइन में कुछ मजबूती दिखाता है।

मजबूत फ्यूचर पाइपलाइन और फाइनेंशियल हेल्थ

Motilal Oswal का पॉजिटिव नजरिया मौजूदा तिमाही के आंकड़ों से ज्यादा कंपनी की भविष्य की ग्रोथ पोटेंशियल पर टिका है। DLF ने Financial Year 2027 के लिए ₹200 बिलियन की नई प्रोजेक्ट लॉन्चिंग की योजना बनाई है। वहीं, कंपनी के पास मीडियम-टर्म के लिए ₹602 बिलियन का एक बड़ा लॉन्च पाइपलाइन तैयार है। इसके अलावा, कंपनी के पास ₹124 बिलियन का अनसोल्ड इन्वेंटरी भी है, जो आने वाली तिमाहियों में बिक्री बढ़ाने में मदद कर सकता है।

कंपनी की फाइनेंशियल कंडीशन भी काफी मजबूत है। पहली तिमाही के अंत तक, DLF के पास ₹15,200 करोड़ का नेट कैश था। वहीं, कंपनी का कमर्शियल रेंटल बिजनेस भी अच्छा प्रदर्शन कर रहा है, जिसमें 95% की ऑक्यूपेंसी रेट के साथ लगातार रेवेन्यू आ रहा है।

निवेशकों के लिए ध्यान देने योग्य बातें

हालांकि कंपनी की फाइनेंशियल पोजीशन मजबूत है, लेकिन रियल एस्टेट सेक्टर की अपनी चुनौतियां हैं। प्रोजेक्ट लॉन्च की टाइमलाइन और रेगुलेटरी अप्रूवल में देरी DLF के लिए एक जोखिम हो सकती है। इसके अलावा, यह सेक्टर ब्याज दरों में उतार-चढ़ाव और खरीदारों की मांग में बदलाव से प्रभावित हो सकता है। आने वाली तिमाहियों में यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि DLF अपनी लॉन्चिंग को कितना तेज कर पाता है और इस फाइनेंशियल ईयर की कमजोर शुरुआत के बाद कंपनी अपने रेवेन्यू को कैसे बढ़ाती है।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.