Motilal Oswal Strategy: मिड-कैप शेयरों में पैसा लगाने का मौका, 50% हिस्सेदारी की दी सलाह

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AuthorSaanvi Reddy|Published at:
Motilal Oswal Strategy: मिड-कैप शेयरों में पैसा लगाने का मौका, 50% हिस्सेदारी की दी सलाह

Motilal Oswal Private Wealth ने निवेशकों को भारतीय मिड और स्मॉल-कैप शेयरों में **50%** पोर्टफोलियो रखने की सलाह दी है। कंपनी का कहना है कि **32%** की शानदार अर्निंग ग्रोथ और घरेलू बाजार की मजबूती इसे ग्लोबल मार्केट की अस्थिरता से बचाती है।

बाजार की मजबूती का राज

Motilal Oswal की लेटेस्ट 'Alpha Strategist' रिपोर्ट के मुताबिक, भारतीय बाजार ग्लोबल उतार-चढ़ाव से काफी हद तक सुरक्षित हैं। इसका सबसे बड़ा कारण यह है कि MSCI इंडिया इंडेक्स की कंपनियों का 78% रेवेन्यू घरेलू बाजार से आता है। यही कारण है कि साउथ कोरिया के KOSPI इंडेक्स में आई भारी गिरावट के बावजूद भारतीय बाजार डटे हुए हैं।

RBI और इकोनॉमी का सपोर्ट

RBI ने रेपो रेट को 5.25% पर स्थिर रखा है, जो मार्केट के लिए एक पॉजिटिव सिग्नल है। सेंट्रल बैंक का अनुमान है कि चालू फाइनेंशियल ईयर में GDP ग्रोथ 6.7% रह सकती है और महंगाई दर घटकर 5.0% पर आ सकती है। इस रिपोर्ट में निवेशकों को सलाह दी गई है कि वे लंबी अवधि के बॉन्ड के बजाय प्राइवेट क्रेडिट, हाई-यील्ड नॉन-कन्वर्टिबल डिबेंचर (NCDs) और InvITs पर दांव लगाएं।

सोना क्यों है बेहतर?

कमोडिटी में फर्म ने सिल्वर के मुकाबले गोल्ड को प्राथमिकता दी है। गोल्ड की कीमत $4,400 प्रति औंस तक पहुंच गई है, जिसे सेंट्रल बैंकों की खरीदारी का सपोर्ट मिल रहा है। वहीं, सिल्वर को इंडस्ट्रियल डिमांड के चलते जोखिम भरा माना जा रहा है।

सावधानी: मिड और स्मॉल-कैप में निवेश करते समय जोखिम अधिक होता है। निवेशकों को ग्लोबल ऑयल प्राइसेस, मानसून के असर और महंगाई दर पर नजर रखनी चाहिए, क्योंकि ये फैक्टर्स आगे चलकर RBI की पॉलिसी बदल सकते हैं।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.