Fujiyama Power Systems: Motilal Oswal ने दी 'Buy' रेटिंग, ₹600 का टारगेट!

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AuthorNeha Patil|Published at:
Fujiyama Power Systems: Motilal Oswal ने दी 'Buy' रेटिंग, ₹600 का टारगेट!

Motilal Oswal ब्रोकरेज फर्म ने Fujiyama Power Systems पर कवरेज शुरू कर दी है और शेयर के लिए **₹600** का टारगेट प्राइस सेट किया है। यह कदम ऐसे समय आया है जब कंपनी का रेवेन्यू **125%** बढ़ा है, जिसका मुख्य कारण सरकार की रूफटॉप सोलर पहलें हैं। हालांकि, निवेशकों को परिचालन संबंधी चुनौतियों, जैसे कि कंपनी के Bawal प्लांट को हुआ हालिया बड़ा नुकसान, पर भी ध्यान देना चाहिए।

Motilal Oswal का दांव Fujiyama Power Systems पर

ब्रोकरेज फर्म Motilal Oswal ने Fujiyama Power Systems पर 'Buy' रेटिंग के साथ कवरेज शुरू की है और शेयर के लिए ₹600 का प्राइस टारगेट तय किया है। यह रिपोर्ट ऐसे समय आई है जब कंपनी, जो रूफटॉप सोलर सेगमेंट में विशेषज्ञता रखती है, तेजी से विस्तार कर रही है। ब्रोकरेज का सकारात्मक नज़रिया कंपनी के हालिया मजबूत वित्तीय प्रदर्शन और सरकारी योजनाओं से मांग को भुनाने की उसकी क्षमता पर आधारित है।

Q1 FY27 में शानदार नतीजे

वित्तीय वर्ष 2027 की पहली तिमाही में, Fujiyama Power Systems ने ₹1,345.7 करोड़ का रेवेन्यू दर्ज किया, जो पिछले साल की समान अवधि की तुलना में 125.3% की वृद्धि है। कंपनी का ऑपरेटिंग प्रॉफिट (EBITDA) भी साल-दर-साल 2.4 गुना बढ़कर ₹2.5 बिलियन हो गया, जबकि ऑपरेटिंग मार्जिन 18.9% रहा। ये आंकड़े 'पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना' (PM Surya Ghar Muft Bijli Yojana) जैसी पहलों से प्रेरित मजबूत वृद्धि को दर्शाते हैं, जिसने पूरे भारत में सोलर इंस्टॉलेशन की मांग को बढ़ाया है।

भविष्य की रणनीति और विस्तार

कंपनी की ग्रोथ स्ट्रेटेजी में ओडिशा और उत्तराखंड जैसे राज्यों में अपने डिस्ट्रीब्यूशन नेटवर्क का विस्तार करना और सोलर सेल की स्थानीय मैन्युफैक्चरिंग जैसे बैकवर्ड इंटीग्रेशन पर ध्यान केंद्रित करना शामिल है। इसका उद्देश्य इम्पोर्ट पर निर्भरता कम करना और प्रॉफिट मार्जिन में सुधार करना है। भविष्य को देखते हुए, कंपनी मध्य प्रदेश के रतलाम स्थित अपनी मैन्युफैक्चरिंग क्षमता का विस्तार करने पर भी काम कर रही है।

परिचालन जोखिमों पर नज़र

हालांकि, निवेशकों को कुछ परिचालन जोखिमों पर भी विचार करना चाहिए। मई 2026 में, कंपनी के Bawal स्थित मैन्युफैक्चरिंग प्लांट में आग लगने की एक बड़ी घटना हुई थी, जिससे अनुमानित ₹1.4 बिलियन का नुकसान हुआ। कंपनी ने इसे एक असाधारण मद (exceptional item) माना है और बीमा भुगतान की उम्मीद कर रही है, लेकिन यह घटना बड़े पैमाने पर मैन्युफैक्चरिंग और इंफ्रास्ट्रक्चर मैनेजमेंट में निहित जोखिमों को उजागर करती है। इसके अलावा, सरकारी सब्सिडी योजनाओं पर कंपनी की भारी निर्भरता एक पॉलिसी रिस्क पैदा करती है, जहां समर्थन में कोई भी बदलाव भविष्य की मांग को प्रभावित कर सकता है।

आगे की राह

निवेशकों के लिए आगे चलकर मुख्य कारक Bawal प्लांट में आग लगने की घटना से बीमा रिकवरी की स्थिति, रतलाम मैन्युफैक्चरिंग साइट का समय पर विस्तार, और सोलर सेक्टर में प्रतिस्पर्धा करते हुए कंपनी की लाभप्रदता बनाए रखने की क्षमता होगी। कंपनी का दीर्घकालिक प्रदर्शन इन परिचालन चुनौतियों को प्रबंधित करने और रूफटॉप सोलर मार्केट में विकास की वर्तमान गति को बनाए रखने की उसकी क्षमता पर निर्भर करेगा।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.