Safari Industries के लिए ब्रोकरेज फर्म Motilal Oswal ने 'Buy' रेटिंग के साथ कवरेज शुरू की है और शेयर के लिए **₹2,250** का टारगेट प्राइस तय किया है। कंपनी ने 1QFY27 में **11.5%** रेवेन्यू ग्रोथ दर्ज की, लेकिन कच्चे माल की बढ़ती लागत और शुरुआती तिमाही की मांग में अस्थिरता के कारण मुनाफे पर दबाव देखा गया।
Motilal Oswal की नई रिपोर्ट
ब्रोकरेज फर्म Motilal Oswal ने लगेज बनाने वाली कंपनी Safari Industries पर अपनी कवरेज शुरू करते हुए इसे 'Buy' रेटिंग दी है। साथ ही, उन्होंने शेयर के लिए ₹2,250 का टारगेट प्राइस सेट किया है। ब्रोकरेज का मानना है कि कंपनी वॉल्यूम-ग्रोथ पर फोकस कर रही है, भले ही उसे इनपुट कॉस्ट और बाजार की कड़ी प्रतिस्पर्धा जैसी छोटी-मोटी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
1QFY27 के नतीजे: रेवेन्यू बढ़ा, प्रॉफिट घटा
फाइनेंशियल ईयर 2027 की पहली तिमाही (1QFY27) में, Safari Industries का रेवेन्यू ₹5.9 अरब रहा, जो पिछले साल की इसी अवधि के मुकाबले 11.5% ज्यादा है। यह ग्रोथ मुख्य रूप से बिक्री की मात्रा में लगभग 10% की वृद्धि के कारण आई। हालांकि, मुनाफे के मामले में यह तस्वीर थोड़ी अलग दिखी। EBITDA में 4.9% की गिरावट आई और यह ₹754 मिलियन पर आ गया, जबकि नेट प्रॉफिट (PAT) 5.4% घटकर ₹478 मिलियन रह गया। इस गिरावट की मुख्य वजह ग्रॉस मार्जिन में 120 बेसिस पॉइंट की कमी रही, जिसे एनालिस्ट कच्चे माल जैसे पॉलीप्रोपाइलीन (Polypropylene) और पॉलीकार्बोनेट (Polycarbonate) की बढ़ती कीमतों से जोड़ रहे हैं।
जयपुर में क्षमता विस्तार और लीडरशिप में बदलाव
भविष्य की ग्रोथ को सपोर्ट करने के लिए, कंपनी अपनी मैन्युफैक्चरिंग क्षमता का विस्तार कर रही है। जयपुर में अपने प्लांट में 0.15 मिलियन पीस प्रति माह की अतिरिक्त प्रोडक्शन कैपेसिटी जोड़ी जा रही है। ब्रोकरेज का अनुमान है कि यह विस्तार और प्रोडक्ट मिक्स में बदलाव अगले दो फाइनेंशियल ईयर में 16% रेवेन्यू CAGR (Compound Annual Growth Rate) को सपोर्ट करेगा। निवेशकों के लिए मार्जिन की स्थिरता एक अहम पैमाना होगी, और उम्मीद है कि EBITDA मार्जिन 13.5% से 14.0% के बीच स्थिर हो सकते हैं, क्योंकि कंपनी प्राइस एडजस्टमेंट और कॉस्ट प्रेशर के बीच संतुलन बनाएगी।
इस बीच, कंपनी अपनी फाइनेंस लीडरशिप में भी बदलाव देख रही है। मि. आदित्य भार्गव को 4 अगस्त, 2026 से नए चीफ फाइनेंशियल ऑफिसर (CFO) के रूप में नियुक्त किया गया है। 22 साल से अधिक के अनुभव के साथ, उनका यह रोल इस महत्वपूर्ण कैपिटल स्पेंडिंग अवधि के दौरान कंपनी के फाइनेंशियल हेल्थ को मैनेज करने में महत्वपूर्ण होगा।
सेक्टर की चाल और जोखिम
फिलहाल लगेज मार्केट में मांग के मिले-जुले रुझान देखे जा रहे हैं। जून तिमाही की शुरुआत में शादी सीजन के हल्के रहने के कारण मांग थोड़ी धीमी थी, हालांकि तिमाही के आगे बढ़ने के साथ प्रदर्शन में सुधार की रिपोर्ट है। मांग के अलावा, मार्केट में कड़ी प्रतिस्पर्धा एक बड़ा जोखिम बनी हुई है। डायरेक्ट-टू-कंज्यूमर (D2C) ब्रांड्स के उदय और आक्रामक रीजनल प्लेयर्स ने इस सेक्टर की कंपनियों को प्राइसिंग स्ट्रैटेजी पर सतर्क रहने पर मजबूर किया है। कंपनी ने कच्चे माल की बढ़ी हुई लागत को ऑफसेट करने के लिए कीमतों में बढ़ोतरी की है, लेकिन इसकी दीर्घकालिक सफलता इस बात पर निर्भर करेगी कि वह आक्रामक डिस्काउंटिंग पर निर्भर हुए बिना मार्केट शेयर बनाए रख पाती है या नहीं, जो अन्यथा मुनाफे को और कम कर सकता है।
