Laxmi Dental Share Price: ब्रोकरेज Motilal Oswal ने दिया Buy कॉल, ₹280 का टारगेट

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AuthorKaran Malhotra|Published at:
Laxmi Dental Share Price: ब्रोकरेज Motilal Oswal ने दिया Buy कॉल, ₹280 का टारगेट

Motilal Oswal ने Laxmi Dental पर 'Buy' रेटिंग के साथ कवरेज शुरू की है और ₹280 का टारगेट प्राइस तय किया है। कंपनी के पहली तिमाही के शानदार प्रदर्शन, खासकर अंतरराष्ट्रीय बाजारों और अलाइनर सेगमेंट में वृद्धि, को देखते हुए यह राय दी गई है। हालांकि, वर्किंग कैपिटल की बढ़ी हुई जरूरत पर निवेशकों को नजर रखनी होगी।

Motilal Oswal की Laxmi Dental पर नई शुरुआत

ब्रोकरेज फर्म Motilal Oswal ने डेंटल सॉल्यूशंस बनाने वाली कंपनी Laxmi Dental पर अपनी कवरेज शुरू करते हुए 'Buy' रेटिंग दी है। फर्म ने शेयर के लिए ₹280 का टारगेट प्राइस सेट किया है। ब्रोकरेज कंपनी के हालिया वित्तीय नतीजों के बाद इसके ग्रोथ आउटलुक को लेकर काफी आशावादी है।

पहली तिमाही के नतीजे চমका रहे हैं

Laxmi Dental ने वित्तीय वर्ष 2027 की पहली तिमाही में दमदार प्रदर्शन किया है। कंपनी का रेवेन्यू पिछले साल की समान अवधि की तुलना में 14% बढ़कर ₹74.7 करोड़ रहा। वहीं, प्रॉफिटेबिलिटी के आंकड़े और भी मजबूत दिखे। नेट प्रॉफिट (PAT) में 23% की बढ़ोतरी हुई और यह ₹10.3 करोड़ दर्ज किया गया। ऑपरेशनल प्रॉफिट (EBITDA) में 20.6% का इजाफा हुआ और यह ₹14.4 करोड़ तक पहुंच गया। ये नतीजे बाजार की उम्मीदों से काफी बेहतर थे, जिसमें प्रॉफिट उम्मीद से 14% और ऑपरेटिंग अर्निंग्स उम्मीद से 11% ज्यादा रहीं।

ग्रोथ के पीछे के कारण

कंपनी की ग्रोथ को अंतरराष्ट्रीय बाजारों से मिल रही मजबूत मांग और उसके डेंटल अलाइनर बिजनेस के रिवाइवल से बढ़ावा मिल रहा है। भारत की एकमात्र फुली इंटीग्रेटेड डेंटल सॉल्यूशंस प्रोवाइडर होने के नाते, कंपनी इस सेक्टर में अपनी हिस्सेदारी बढ़ाने का लक्ष्य रखती है। ब्रोकरेज का अनुमान है कि कंपनी वित्तीय वर्ष 2028 तक रेवेन्यू में 18% की कंपाउंड एनुअल ग्रोथ रेट (CAGR) और EBITDA और PAT दोनों में 30% से अधिक की वृद्धि बनाए रखेगी।

निवेशकों के लिए एक चिंता का विषय

हालांकि ब्रोकरेज का नजरिया सकारात्मक है, लेकिन निवेशकों को कुछ ऑपरेशनल चुनौतियों पर भी ध्यान देना चाहिए। कंपनी की वर्किंग कैपिटल की जरूरतें काफी बढ़ गई हैं। वर्किंग कैपिटल डेज, जो यह बताते हैं कि कंपनी को अपने निवेश और शॉर्ट-टर्म एसेट्स को कैश में बदलने में कितना समय लगता है, 77.3 दिनों से बढ़कर 195 दिन हो गए हैं। यह बढ़ी हुई संख्या दर्शाती है कि कंपनी के दिन-प्रतिदिन के ऑपरेशंस में अधिक कैश फंसा हुआ है, जो लंबे समय में कंपनी की वित्तीय लचीलेपन को प्रभावित कर सकता है यदि इसे प्रभावी ढंग से प्रबंधित न किया जाए।

आगे की राह

आगे चलकर, निवेशकों के लिए यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि कंपनी अपने विस्तार के प्रयासों को अपनी कैश फ्लो और वर्किंग कैपिटल को नियंत्रण में रखने की जरूरत के साथ कैसे संतुलित करती है। ब्रोकरेज मजबूत ग्रोथ का अनुमान लगा रहा है, लेकिन कंपनी का वित्तीय स्वास्थ्य अलाइनर बिजनेस की स्थिरता और प्रबंधन टीम की कैश रिसोर्सेज को कुशलतापूर्वक प्रबंधित करने की क्षमता पर निर्भर करेगा।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.