Motilal Oswal ने Fortis Healthcare पर बुलिश रुख अपनाते हुए इसे 'Buy' रेटिंग दी है। कंपनी का टारगेट प्राइस **₹1,130** रखा गया है। भले ही कंपनी पर पुरानी कानूनी जांच चल रही है, लेकिन एनालिस्ट्स का मानना है कि मजबूत ऑक्यूपेंसी और विस्तार की योजनाएं इसे नई ऊंचाइयों पर ले जा सकती हैं।
Motilal Oswal ने Fortis Healthcare के लिए अपनी कवरेज शुरू करते हुए ₹1,130 का प्राइस टारगेट सेट किया है। ब्रोकरेज का मानना है कि कंपनी अपने पुराने कानूनी विवादों के बावजूद शानदार ऑपरेशनल एफिशिएंसी बनाए रखने में सफल रही है। यह टारगेट SOTP (Sum-of-the-Parts) वैल्यूएशन पर आधारित है, जिसमें हॉस्पिटल बिजनेस के लिए 30x और डायग्नोस्टिक्स वर्टिकल के लिए 23x का मल्टीपल दिया गया है।
ऑपरेशनल ग्रोथ और ऑक्यूपेंसी
ब्रोकरेज की इस बुलिश राय के पीछे मजबूत डेटा है। Fortis Healthcare ने पिछले 15 महीनों में 68% से 69% के बीच ऑक्यूपेंसी लेवल बरकरार रखा है, जो तब और भी प्रभावशाली हो जाता है जब हम देखते हैं कि कंपनी ने अपनी बेड कैपेसिटी में 17% का इजाफा किया है। नए बेड्स को प्रभावी ढंग से भरने और मरीजों की संख्या बढ़ने से वॉल्यूम-लेड ग्रोथ को बड़ा सहारा मिला है। साथ ही, CGHS और ECHS जैसी सरकारी योजनाओं की प्राइसिंग बाधाओं के बावजूद कंपनी बेहतर प्रदर्शन कर रही है।
लीगल ऑडिट का क्या है सच?
निवेशकों के लिए एक चिंता का विषय कोर्ट द्वारा आदेशित फॉरेन्सिक ऑडिट है, जिसे S. Ramanand Aiyar & Co. कर रही है। यह ऑडिट पूर्व प्रमोटर्स मलविंदर और शिविंदर सिंह के समय से जुड़े लेनदेन की जांच है, जिसका संबंध Daiichi Sankyo मामले से है। कंपनी और एनालिस्ट्स का मानना है कि यह केवल मई 2016 के बाद के ऐतिहासिक मामलों तक सीमित है और इसका कंपनी के वर्तमान ऑपरेशंस या कैश फ्लो पर कोई असर नहीं पड़ेगा। हालांकि, मार्केट में इसे लेकर थोड़ी उठापटक संभव है।
सेक्टर का हाल
केवल Motilal Oswal ही नहीं, बल्कि Prabhudas Lilladher जैसे अन्य ब्रोकरेज हाउस भी इस पर 'Buy' रेटिंग बनाए हुए हैं और उन्होंने ₹1,050 का टारगेट दिया है। निवेशकों को सलाह है कि वे ऑडिट के प्रोग्रेस और हॉस्पिटल सेक्टर में बढ़ती लागत के दबाव पर नजर रखें।
