Motilal Oswal ने Bandhan Bank की रेटिंग को 'Neutral' कर दिया है और टारगेट प्राइस ₹225 रखा है। Q1 FY27 में बैंक के मुनाफे में भले ही **35%** की सालाना बढ़ोतरी हुई हो, लेकिन डिपॉजिट ग्रोथ की सुस्ती और कमाई के अनुमानों में कटौती को देखते हुए यह कदम उठाया गया है।
Detailed Coverage
नतीजों के बाद ब्रोकरेज की सख्त राय
वित्तीय वर्ष 2027 की पहली तिमाही के नतीजों के बाद ब्रोकरेज फर्म Motilal Oswal ने Bandhan Bank के शेयर की रेटिंग को 'Neutral' कर दिया है। बैंक का आफ्टर-टैक्स प्रॉफिट (Profit After Tax) ₹500 करोड़ रहा, जो पिछले साल की समान अवधि के मुकाबले 35% ज्यादा है। हालांकि, तिमाही-दर-तिमाही आधार पर इसमें 6% की गिरावट दर्ज की गई है।
मुनाफे में आई तेजी, पर मार्जिन पर दबाव
बैंक का नेट इंटरेस्ट इनकम (Net Interest Income) सालाना आधार पर 6% बढ़ा है। शुद्ध लाभ अनुमान से करीब 9% अधिक रहा, जिसका मुख्य कारण प्रोविजन्स (Provisions) में आई कमी को माना जा रहा है। बैंक ने नेट इंटरेस्ट मार्जिन (Net Interest Margin) को 6.2% पर स्थिर बनाए रखा, लेकिन फंड की लागत और लोन पर मिलने वाले ब्याज के बीच संतुलन साधना एक चुनौती बनी हुई है।
डिपॉजिट ग्रोथ में आई सुस्ती
Bandhan Bank के नेट एडवांसेस (Net Advances) में सालाना आधार पर 18% की अच्छी बढ़ोतरी देखी गई। खासकर, उभरते उद्यमियों के बिजनेस (EEB) सेगमेंट में 27% का इजाफा हुआ। लेकिन, डिपॉजिट जुटाने में बैंक को दिक्कतें आ रही हैं। डिपॉजिट ग्रोथ घटकर सालाना 6.6% रह गई, जो पिछली तिमाही के मुकाबले 0.9% कम है। मैनेजमेंट का कहना है कि यह ऊंची लागत वाली बल्क डिपॉजिट पर निर्भरता कम करने की एक सोची-समझी रणनीति है। इसके चलते, क्रेडिट-टू-डिपॉजिट रेशियो (Credit-to-Deposit Ratio) बढ़कर 92% हो गया है।
कमाई का अनुमान घटाया, नया टारगेट ₹225
डिपॉजिट ग्रोथ की चुनौतियों और मौजूदा माहौल को देखते हुए, Motilal Oswal ने बैंक के लिए FY27 के अनुमानों को करीब 14% और FY28 के अनुमानों को 6% तक कम कर दिया है। ब्रोकरेज फर्म का अनुमान है कि मौजूदा वित्तीय वर्ष में रिटर्न ऑन एसेट्स (Return on Assets) 1.0% रहेगा, जो FY28 तक बढ़कर 1.4% हो सकता है। ₹225 का टारगेट प्राइस, मार्च 2028 तक के बुक वैल्यू प्रति शेयर (Book Value Per Share) के 1.3 गुना पर आधारित है।
निवेशक अब इस बात पर नजर रखेंगे कि बैंक आने वाली तिमाहियों में अपनी डिपॉजिट कलेक्शन को कैसे तेज करता है, ताकि बिना फंड की लागत बढ़ाए लोन ग्रोथ को सपोर्ट किया जा सके। क्रेडिट-टू-डिपॉजिट रेशियो की चाल पर भी ध्यान देना होगा, जिससे बैंक की लिक्विडिटी और बैलेंस शीट की मजबूती का अंदाजा लग सके।
