Zee Entertainment Enterprises Ltd (ZEEL) पर मोतीलाल ओसवाल ने 'न्यूट्रल' रेटिंग बरकरार रखते हुए अपना टारगेट प्राइस **₹80** से घटाकर **₹70** कर दिया है। दूसरी तिमाही में मुनाफे में कमजोरी और बढ़ते खर्चों के कारण निवेशकों का भरोसा डगमगाया है, जिससे शेयर **₹62.06** के 52-वीक निचले स्तर पर लुढ़क गया।
मोतीलाल ओसवाल की रिपोर्ट के अनुसार, कंपनी के Q2 FY27 के नतीजे उम्मीदों पर खरे नहीं उतरे हैं। EBITDA में साल-दर-साल 52% की भारी गिरावट दर्ज की गई है। हालांकि कंपनी का रेवेन्यू 13% बढ़ा है, लेकिन मार्जिन 7.4% से गिरकर 3.2% पर आ गया है, जो बिजनेस की गिरती प्रॉफिटेबिलिटी को दर्शाता है।\n\n### रेवेन्यू और खर्च का गणित\n\nराजस्व में जो बढ़त दिखी है, उसका मुख्य कारण FIFA वर्ल्ड कप 2026 के ब्रॉडकास्ट राइट्स से मिली सब्सक्रिप्शन इनकम है। यह बढ़त अस्थायी है, जबकि कंपनी का मुख्य लीनियर टीवी बिजनेस अभी भी सुस्त बना हुआ है। कंपनी के ऑपरेटिंग खर्चों में 18% का इजाफा हुआ है, जिसका सीधा असर मुनाफे पर पड़ा है।\n\n### डिजिटल का दम vs टीवी की चुनौती\n\nराहत की खबर कंपनी के डिजिटल आर्म ZEE5 से आई है, जिसका रेवेन्यू दोगुना होकर ₹6.26 बिलियन हो गया है। इस डिवीजन ने ₹416 मिलियन का पॉजिटिव EBITDA दर्ज किया है। लेकिन, ब्रॉडकास्टिंग बिजनेस में विज्ञापन खर्च की कमी और डिजिटल पर शिफ्ट हो रहे विज्ञापन बाजार ने कंपनी के लिए चुनौतियां बढ़ा दी हैं।\n\n### निवेशकों के लिए चिंता\n\nनिवेशक अब यह देख रहे हैं कि कंपनी अपने बढ़ते कंटेंट खर्च और लीनियर टीवी के विज्ञापन रेवेन्यू में संतुलन कैसे बनाती है। फिलहाल, पारंपरिक टीवी विज्ञापन में सुस्ती और बढ़ते ऑपरेशनल खर्च आने वाली तिमाहियों में शेयर के लिए बड़ा जोखिम बने हुए हैं।
