ब्रोकरेज फर्म Motilal Oswal ने Avenue Supermarts (DMart) के टारगेट प्राइस को **₹4,000** से घटाकर **₹3,925** कर दिया है। Q2 FY27 में कंपनी की प्रॉफिटेबिलिटी उम्मीदों से कम रही है, जिसके पीछे मुख्य कारण बढ़ती ऑपरेशनल लागत और क्विक-कॉमर्स कंपनियों से मिल रही कड़ी टक्कर है।
मार्जिन पर बढ़ता दबाव
DMart के शेयरों पर नजर रखने वाले निवेशकों के लिए ब्रोकरेज फर्म Motilal Oswal ने 'Neutral' रेटिंग बरकरार रखी है, लेकिन टारगेट प्राइस को रिवाइज कर ₹3,925 कर दिया गया है। कंपनी के Q2 FY27 के नतीजे मिले-जुले रहे। हालांकि कंपनी का रेवेन्यू 18% बढ़कर ₹19,644 करोड़ रहा, लेकिन नेट प्रॉफिट के मोर्चे पर कंपनी निवेशकों की उम्मीदों पर खरी नहीं उतरी।
क्यों कम हुआ प्रॉफिट?
कंपनी के ऑपरेटिंग प्रॉफिट मार्जिन में सालाना आधार पर 30 बेसिस पॉइंट्स की गिरावट दर्ज की गई है। इसके पीछे दो बड़े कारण हैं:
- वेज इन्फ्लेशन: एंट्री लेवल पर सैलरी बढ़ने से रिटेल कॉस्ट प्रति स्क्वायर फुट में इजाफा हुआ है।
- क्विक-कॉमर्स की चुनौती: अर्बन इलाकों में क्विक-कॉमर्स प्लेयर्स की आक्रामक डिस्काउंटिंग और फास्ट डिलीवरी के कारण DMart को कड़ा मुकाबला करना पड़ रहा है।
विस्तार जारी, लेकिन चुनौतियां बरकरार
नतीजों के बावजूद कंपनी का नेटवर्क विस्तार तेजी से हो रहा है। सितंबर तिमाही में कंपनी ने 15 नए स्टोर खोले हैं, जिससे कुल स्टोर्स की संख्या बढ़कर 518 हो गई है, जो पिछले साल के मुकाबले 20% ज्यादा है। इसके अलावा, दो साल से पुराने स्टोर्स की 'लाइक-फॉर-लाइक' सेल्स ग्रोथ भी 9.5% रही, जो पिछले साल की इसी तिमाही में 6.8% थी।
ब्रोकरेज का मानना है कि कंपनी का सेल्स ग्रोथ तो अच्छा है, लेकिन बढ़ती प्रतिस्पर्धा और ऑपरेशनल खर्चों के कारण निकट भविष्य में मार्जिन में बड़ी रिकवरी दिखना मुश्किल है। अब निवेशकों को यह देखना होगा कि कंपनी क्विक-कॉमर्स के दबाव को कैसे मैनेज करती है और अपने मुनाफे को कैसे बरकरार रखती है।
