Motilal Oswal ने Bharat Electronics पर अपना पॉजिटिव आउटलुक बरकरार रखा है। कंपनी के पास **₹1.10 लाख करोड़** के सरकारी प्रोजेक्ट्स की पाइपलाइन है। फिलहाल, निवेशक कंपनी के Q2 नतीजों और प्रॉफिट मार्जिन पर नजर टिकाए हुए हैं, जिसके चलते कंपनी ने ट्रेडिंग विंडो भी बंद कर दी है।
डिफेंस सेक्टर की दिग्गज कंपनी Bharat Electronics (BEL) को लेकर मोतीलाल ओसवाल सिक्योरिटीज काफी उत्साहित है। ब्रोकरेज का मानना है कि कंपनी का भविष्य काफी उज्ज्वल है, जिसकी बड़ी वजह डिफेंस एक्विजिशन काउंसिल (DAC) द्वारा मंजूर किए गए ₹1.10 लाख करोड़ के प्रोजेक्ट्स हैं। खास बात यह है कि इस राशि का लगभग 98% हिस्सा घरेलू डिफेंस इंडस्ट्री के लिए आरक्षित है, जो सीधे तौर पर BEL के लिए रेवेन्यू ग्रोथ का इंजन बनेगा।
Q2 नतीजों से पहले का सस्पेंस
1 अक्टूबर, 2026 को कंपनी का शेयर भाव ₹383.10 के स्तर पर था। नतीजों के ऐलान से पहले कंपनी ने अपनी ट्रेडिंग विंडो बंद कर दी है, जिससे अब निवेशकों की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि कंपनी अपनी ऑर्डर बुक को कितनी तेजी से एग्जीक्यूट कर पाती है।
प्रॉफिट और मार्जिन की चुनौती
पिछली तिमाही (Q1, फाइनेंशियल ईयर 2027) के आंकड़ों पर नजर डालें, तो कंपनी ने ₹1,048 करोड़ का नेट प्रॉफिट दर्ज किया था, जो सालाना आधार पर 8% अधिक था। वहीं, रेवेन्यू ₹5,533 करोड़ रहा, जिसमें 25% का बड़ा उछाल दिखा। हालांकि, इतनी जबरदस्त ग्रोथ के बावजूद कंपनी के ऑपरेटिंग मार्जिन पर दबाव देखा गया है। इसके पीछे मुख्य वजहें बढ़ते एग्जीक्यूशन कॉस्ट और बदलते प्रोडक्ट मिक्स को माना जा रहा है।
मार्केट में बदलती तस्वीर
आज का डिफेंस मार्केट पहले जैसा नहीं रहा। DRDO के जरिए टेक्नोलॉजी ट्रांसफर और मिसाइल प्रोडक्शन में प्राइवेट कंपनियों की एंट्री से प्रतिस्पर्धा बढ़ी है। ऐसे में BEL के लिए अपने प्रॉफिट मार्जिन को बनाए रखना और सप्लाई चेन की चुनौतियों से पार पाना सबसे बड़ी परीक्षा होगी। आने वाले Q2 के नतीजे यह साफ कर देंगे कि कंपनी इस कॉम्पिटिटिव माहौल में अपनी मार्केट लीडरशिप को कैसे बचाए रखती है।
