Morgan Stanley का DMart पर बढ़ा भरोसा
Morgan Stanley ने Avenue Supermarts, जो DMart चेन का संचालन करती है, को 'Equal-weight' से 'Overweight' रेटिंग दी है। उन्होंने शेयर का टारगेट प्राइस 14% बढ़ाकर ₹5,188 कर दिया है। इस सकारात्मक कदम के पीछे कंपनी का लगातार मजबूत परफॉरमेंस, शानदार बैलेंस शीट और भविष्य में ग्रोथ की अच्छी संभावनाएं बताई जा रही हैं।
रिपोर्ट के मुताबिक, DMart का 500 स्टोर का आंकड़ा छूना और Q4 FY26 में रेवेन्यू में 19% की सालाना बढ़ोतरी (₹17,204.50 करोड़) इसके मजबूत आधार को दिखाती है। Morgan Stanley का मानना है कि स्टोर्स का तेजी से विस्तार, खासकर कम पेनिट्रेशन वाले इलाकों में, भविष्य में रेवेन्यू बढ़ाने में अहम भूमिका निभाएगा। DMart की 'एवरीडे-लो-प्राइस' (Everyday Low Price) स्ट्रैटेजी महंगाई के दौर में वैल्यू खोजने वाले ग्राहकों को आकर्षित करने में मददगार साबित होगी।
वैल्यूएशन पर बहस और अलग-अलग राय
हालांकि, Avenue Supermarts को लेकर मार्केट का नज़रिया बंटा हुआ है। हालिया तेजी के बाद स्टॉक का प्राइस-टू-अर्निंग्स (P/E) रेशियो करीब 86-99x पर पहुँच गया है। भले ही यह अपने पिछले औसत से कम हो, पर कई लोग इसे अब भी बहुत ज्यादा मानते हैं। Morgan Stanley का तर्क है कि यह प्रीमियम स्टॉक के परफॉरमेंस और ग्रोथ को दर्शाता है, लेकिन दूसरे एनालिस्ट सतर्क हैं।
बाकी एनालिस्ट्स की राय 'होल्ड' (Hold) रेटिंग की तरफ ज्यादा झुकी है, और उनका 12 महीने का औसत टारगेट प्राइस ₹4,141.33 है, जो तत्काल बड़ी बढ़ोतरी की संभावना कम दिखाता है। उदाहरण के लिए, CLSA ने 'हाई कन्विंक्शन आउटपरफॉर्म' रेटिंग के साथ ₹6,185 का टारगेट दिया है, जो एक्सपर्ट्स की राय में एक बड़ा अंतर दर्शाता है।
कॉम्पिटिशन और विस्तार की चुनौतियाँ
DMart की ताकतें साफ हैं, लेकिन इसे बड़ी चुनौतियों का सामना भी करना पड़ रहा है। ऊंचे वैल्यूएशन का मतलब है कि कीमत को सही ठहराने के लिए कमाई में भारी बढ़ोतरी होनी चाहिए। एनालिस्ट टारगेट प्राइस में ₹3,100 से ₹6,185 तक का बड़ा अंतर मार्केट में अनिश्चितता को दिखाता है।
500 स्टोर तक तेजी से विस्तार, खासकर टियर II और III शहरों में, ऑपरेशनल मुश्किलें खड़ी कर सकता है। एक बड़े और फैले हुए नेटवर्क में लागत कम रखना और ग्राहकों को आकर्षित करना अहम होगा। हाल ही में एक गवर्नेंस बदलाव हुआ, जहाँ Kalpana Unadkat मार्च 2026 में चेयरपर्सन बनीं। निवेशक उनकी रणनीतिक दिशा पर नजर रखेंगे।
रिटेल सेक्टर का भविष्य और DMart की पोजीशन
ऑनलाइन ब्रांड्स और क्विक कॉमर्स (Quick Commerce) से कड़ी प्रतिस्पर्धा के चलते लगातार ऑपरेशनल एफिशिएंसी और रणनीतिक चुस्ती की जरूरत है। भारतीय रिटेल सेक्टर 2026 में तेज ग्रोथ के लिए तैयार है, जिसमें मजबूत घरेलू मांग, डिजिटल एडवांसेज और छोटे शहरों में विस्तार शामिल है।
एनालिस्ट्स को उम्मीद है कि Avenue Supermarts का रेवेन्यू FY27-FY28 में 19-20% की दर से बढ़ेगा। हालांकि, अपना हाई वैल्यूएशन बनाए रखने के लिए DMart को इन ग्रोथ टारगेट्स को लगातार पूरा करना होगा और बदलते बाजार में प्रतिस्पर्धा व ऑपरेशनल चुनौतियों का सामना करना होगा।