Morgan Stanley का बड़ा अनुमान: 2027 तक भारतीय IPO मार्केट में जारी रहेगी ग्रोथ, Sensex पहुंचेगा 89,000!

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AuthorAditi Chauhan|Published at:
Morgan Stanley का बड़ा अनुमान: 2027 तक भारतीय IPO मार्केट में जारी रहेगी ग्रोथ, Sensex पहुंचेगा 89,000!

Morgan Stanley का मानना है कि भारतीय प्राइमरी मार्केट (Primary Market) IPO की लगातार सप्लाई को बिना लिक्विडिटी (Liquidity) की कमी के झेल सकता है। ब्रोकरेज फर्म को घरेलू निवेशकों से लगातार इनफ्लो (Inflow) और मजबूत कॉर्पोरेट अर्निंग्स (Corporate Earnings) से इक्विटी मार्केट (Equity Market) को सपोर्ट मिलने की उम्मीद है। फर्म का अनुमान है कि BSE Sensex जून 2027 तक 89,000 के स्तर तक पहुंच सकता है।

Morgan Stanley की लेटेस्ट इक्विटी स्ट्रेटेजी रिपोर्ट (Equity Strategy Report) के अनुसार, भारत में इनिशियल पब्लिक ऑफरिंग (IPO) की मौजूदा लहर से नियर-टर्म में लिक्विडिटी का संकट पैदा होने की संभावना कम है। ब्रोकरेज फर्म का कहना है कि भारतीय बाजार में नई लिस्टिंग को अवशोषित (Absorb) करने की पर्याप्त गहराई है। इसका मुख्य कारण घरेलू रिटेल निवेशकों (Retail Investors) की लगातार भागीदारी और सुधरती मैक्रोइकोनॉमिक कंडिशन्स (Macroeconomic Conditions) हैं।

मार्केट कॉन्फिडेंस के पीछे के कारण

ब्रोकरेज का मानना है कि भारत की इकोनॉमिक प्रोफाइल में आया स्ट्रक्चरल शिफ्ट (Structural Shift) इसके पॉजिटिव आउटलुक का एक प्रमुख कारण है। Morgan Stanley का अनुमान है कि अगले पांच सालों में देश का इन्वेस्टमेंट-टू-जीडीपी रेशियो (Investment-to-GDP Ratio) बढ़कर 37.5% तक पहुंच सकता है। इस उम्मीद को मजबूत करने वाले फैक्टर्स में लगातार फिस्कल मैनेजमेंट (Fiscal Management), मॉडरेट रियल इंटरेस्ट रेट्स (Moderate Real Interest Rates) और अन्य इमर्जिंग मार्केट्स (Emerging Markets) की तुलना में फेवरेबल करेंसी पोजीशन (Favorable Currency Position) शामिल हैं। फर्म ने यह भी नोट किया है कि फॉरेन इंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टर्स (Foreign Institutional Investors) की भारतीय कंपनियों में हिस्सेदारी फिलहाल सामान्य से कम है, जो कॉर्पोरेट अर्निंग्स में लगातार ग्रोथ रहने पर बाइंग एक्टिविटी (Buying Activity) बढ़ा सकती है।

अर्निंग्स आउटलुक और सेक्टर प्रेफरेंस

आगे देखते हुए, Morgan Stanley कॉर्पोरेट परफॉर्मेंस में तेजी का अनुमान लगा रहा है। रिपोर्ट के अनुसार, 2026 फाइनेंशियल ईयर (Financial Year) के लिए ब्रॉड-मार्केट अर्निंग्स ग्रोथ 10% रहने का अनुमान है, जो FY27 में बढ़कर 15% और FY28 में 22% तक जा सकती है। ये अनुमान हाई-फ्रीक्वेंसी डेटा इंडिकेटर्स (High-Frequency Data Indicators) पर आधारित हैं, जो वर्तमान में कॉर्पोरेट प्रॉफिटेबिलिटी (Corporate Profitability) में मजबूती का संकेत दे रहे हैं। सेक्टर फोकस के मामले में, ब्रोकरेज डोमेस्टिक-लिंक्ड इंडस्ट्रीज (Domestic-Linked Industries) को पसंद कर रहा है, खासकर फाइनेंशियल (Financials), कंज्यूमर डिस्क्रिशनरी (Consumer Discretionary) और इंडस्ट्रियल (Industrial) कंपनियों को, जिन्हें वर्तमान इकोनॉमिक साइकिल (Economic Cycle) से फायदा हो सकता है।

IPO सप्लाई और डिमांड का संतुलन

जब IPO एक्टिविटी ज्यादा होती है, तो निवेशकों के लिए एक आम चिंता यह होती है कि कहीं नए शेयर्स की सप्लाई मार्केट पर हावी न हो जाए और मौजूदा स्टॉक्स की लिक्विडिटी कम न हो जाए। Morgan Stanley के बेस-केस एनालिसिस (Base-case analysis) से पता चलता है कि डोमेस्टिक रिटेल इन्वेस्टर्स (Domestic Retail Investors) से मिलने वाली डिमांड, नई लिस्टिंग्स की मौजूदा सप्लाई से ज्यादा रहने की उम्मीद है। यह डायनामिक (Dynamic) प्राइमरी और सेकेंडरी दोनों मार्केट्स में लिक्विडिटी की समस्याओं को रोकने के लिए है।

संभावित जोखिम और निगरानी

हालांकि आउटलुक पॉजिटिव (Constructive) है, लेकिन मिड-2027 तक BSE Sensex के 89,000 तक पहुंचने के फर्म के अनुमान विभिन्न मार्केट अनिश्चितताओं (Market Uncertainties) के अधीन हैं। निवेशकों को यह ध्यान देना चाहिए कि ये अनुमान लगातार कॉर्पोरेट अर्निंग्स (Corporate Earnings) और स्थिर डोमेस्टिक इनफ्लो (Domestic Inflows) पर बहुत अधिक निर्भर करते हैं। इकोनॉमिक ग्रोथ में कोई भी अप्रत्याशित मंदी या इंटरेस्ट रेट पॉलिसीज (Interest Rate Policies) में बड़ा बदलाव मौजूदा मोमेंटम (Momentum) को बदल सकता है। शेयरधारकों के लिए आगे ट्रैक करने वाला मुख्य इंडिकेटर (Indicator) आगामी तिमाहियों में कॉर्पोरेट अर्निंग्स परफॉर्मेंस की वास्तविक गति होगी, क्योंकि यही तय करेगा कि मार्केट एनालिस्टों द्वारा निर्धारित ग्रोथ टारगेट (Growth Targets) को बनाए रख सकता है या नहीं।

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