डिजिटल लेंडर Moneyview Limited के आगामी IPO को लेकर ब्रोकरेज फर्म Anand Rathi ने सकारात्मक रुख अपनाया है। कंपनी के तेजी से बढ़ते यूजर बेस और कैपिटल-लाइट मॉडल को देखते हुए इसे 'Subscribe - Long Term' रेटिंग दी गई है।
तेजी से बढ़ता यूजर बेस
ब्रोकरेज फर्म Anand Rathi ने Moneyview के IPO पर अपनी रिपोर्ट में इसके यूजर बेस की जोरदार रफ्तार की तारीफ की है। आंकड़ों के मुताबिक, 30 जून 2026 तक कंपनी के रजिस्टर्ड यूजर्स की संख्या बढ़कर 140.28 मिलियन तक पहुंच गई है, जो मार्च 2024 में 83.27 मिलियन थी। कंपनी का दावा है कि इसकी पहुंच देश के लगभग 99% पिन कोड्स तक है।
बिजनेस मॉडल और मार्केट पोजीशन
Moneyview एक डिजिटल-फर्स्ट फाइनेंशियल कंपनी है जो मुख्य रूप से मिडिल-इनकम वर्ग को टारगेट करती है। यह अपने खुद के NBFC ऑपरेशंस और अन्य पार्टनर्स के साथ मिलकर क्रेडिट प्रोडक्ट्स उपलब्ध कराती है।
निवेशकों के लिए चुनौतियां और रिस्क
हालांकि कंपनी का मॉडल प्रभावशाली है, लेकिन डिजिटल लेंडिंग सेक्टर में कॉम्पिटिशन बहुत ज्यादा है, जहां ट्रेडिशनल बैंकों और कई अन्य फिनटेक कंपनियों से कड़ी टक्कर मिल रही है। इसके अलावा, RBI (रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया) के कड़े नियम, जैसे डेटा प्राइवेसी और लोन रिकवरी के सख्त मानक, बिजनेस की मार्जिन और ऑपरेशनल कॉस्ट पर असर डाल सकते हैं।
निवेशकों को सलाह है कि वे IPO में पैसा लगाने से पहले कंपनी के प्रॉस्पेक्टस को ध्यान से देखें और यह जांचें कि कंपनी अपने बैड लोन (Non-performing assets) और क्रेडिट रिस्क को किस तरह मैनेज कर रही है। भविष्य में इसकी ग्रोथ इस बात पर निर्भर करेगी कि यह बदलते रेगुलेटरी माहौल और बाजार की प्रतिस्पर्धा के बीच खुद को कितना स्थिर रख पाती है।
