Monarch Networth Capital ने Nifty 50 के लिए एक बुलिश फोरकास्ट जारी किया है। ब्रोकरेज का मानना है कि अगले 4 से 5 महीनों में इंडेक्स 26,000 से 26,500 के स्तर तक जा सकता है, जो अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में गिरावट की उम्मीद पर टिका है।
क्या है तेजी के पीछे का गणित?
वर्तमान में निफ्टी 22,500 के आसपास संघर्ष कर रहा है। Monarch Networth Capital के सीईओ गौरव भंडारी का तर्क है कि अमेरिका की 10-वर्षीय ट्रेजरी यील्ड अभी 5.35% के ऊंचे स्तर पर है। उनका अनुमान है कि जैसे ही ब्याज दरों में नरमी आएगी, डॉलर कमजोर होगा। यह बदलाव ग्लोबल लिक्विडिटी को फिर से भारत जैसे इमर्जिंग मार्केट्स की ओर मोड़ सकता है, जिससे साल 2026 में हुए भारी फॉरेन आउटफ्लो की भरपाई हो सकेगी।
बाजार के लिए चुनौतियां
इस लक्ष्य की राह इतनी आसान नहीं है। बाजार फिलहाल $105 प्रति बैरल से ऊपर चल रहे कच्चे तेल (Brent Crude) के दबाव में है, जो भारत के इंपोर्ट बिल और महंगाई के लिए बड़ा जोखिम है। इसके अलावा, भू-राजनीतिक (Geopolitical) तनाव ने बाजार के मूड को पहले ही नाजुक बना रखा है।
फर्म पर एक नजर
Monarch Networth Capital, जिसका मार्केट कैप करीब ₹2,700 करोड़ है, ने यह रिपोर्ट ऐसे समय में दी है जब खुद कंपनी के फाइनेंशियल मैट्रिक्स चर्चा में हैं। कंपनी के 'डेटर डेज़' (Debtor Days) 196 पर रिपोर्ट किए गए हैं, जो यह दर्शाता है कि क्लाइंट्स से पेमेंट वसूली में लंबा समय लग रहा है। हालांकि, यह ब्रोकरेज की रिसर्च रिपोर्ट से सीधे तौर पर नहीं जुड़ा है, लेकिन निवेशकों के लिए फर्म की वित्तीय स्थिति को ट्रैक करना जरूरी है।
अंततः, इंडेक्स का यह सफर पूरी तरह से अमेरिकी यील्ड के ट्रेंड और विदेशी निवेशकों (FII) की वापसी पर निर्भर करेगा।
