Meta के AI असिस्टेंट 'Muse' को लेकर Citigroup का बड़ा अनुमान सामने आया है। एक्सपर्ट्स का मानना है कि ई-कॉमर्स का हब बनने की क्षमता के दम पर यह टूल 2030 तक **$27 बिलियन** का सालाना रेवेन्यू जेनरेट कर सकता है।
सितंबर 2026 में लॉन्च होने के बाद से ही Muse ने मार्केट का ध्यान खींचा है। अब तक इसके 6.6 मिलियन से ज्यादा डाउनलोड्स हो चुके हैं और इसके 1.8 मिलियन डेली एक्टिव यूजर्स हैं। इस शुरुआती सफलता का असर Meta के शेयरों पर भी दिखा है, जो टूल के आने के बाद से 20% से अधिक उछल चुके हैं और कंपनी का मार्केट कैप $2 ट्रिलियन के करीब पहुंच रहा है।
रेवेन्यू का गणित
Citigroup के मुताबिक, $27 बिलियन के रेवेन्यू लक्ष्य को हासिल करने के लिए दो मुख्य रास्ते हैं। इसमें से $23 बिलियन ट्रांजैक्शन-आधारित सेवाओं से आने का अनुमान है, जहाँ Muse खरीदारी और बुकिंग में मदद करेगा। वहीं, $4.5 बिलियन का हिस्सा सब्सक्रिप्शन प्लान्स (जो $20 से $100 प्रति माह तक हैं) से आने की उम्मीद है। कंपनी अब 'Muse for Small Business' के जरिए छोटे व्यापारियों को भी अपने साथ जोड़ना चाहती है।
बड़े रिस्क और चुनौतियां
इतने बड़े लक्ष्य के साथ चुनौतियां भी कम नहीं हैं। Meta का कैपिटल एक्सपेंडिचर ($130 बिलियन से $145 बिलियन के बीच) निवेशकों के लिए चिंता का विषय बना हुआ है। इसके अलावा, OpenAI के ChatGPT, Alphabet के Google Gemini और Anthropic के Claude जैसे दिग्गजों से मिल रही कड़ी टक्कर को झेलना भी बड़ी चुनौती है। निवेशकों की नजर इस बात पर होगी कि कंपनी इस भारी-भरकम इंफ्रास्ट्रक्चर लागत को मुनाफे में कितनी जल्दी बदल पाती है।
