ई-कॉमर्स कंपनी Meesho के अनलिस्टेड शेयरों में आज **12%** का बड़ा उछाल देखने को मिला है। ग्लोबल ब्रोकरेज फर्म UBS ने कंपनी का टारगेट प्राइस बढ़ाकर **₹260** कर दिया है, जिससे निवेशकों का भरोसा बढ़ा है।
ग्लोबल ब्रोकरेज फर्म UBS ने Meesho के प्रति अपना नजरिया काफी पॉजिटिव रखा है। ब्रोकरेज ने कंपनी का टारगेट प्राइस पुराने अनुमान ₹210 से बढ़ाकर ₹260 कर दिया है। यह तेजी कंपनी की लॉजिस्टिक्स क्षमता और विज्ञापन से होने वाली आय (advertising income) में सुधार की उम्मीदों के चलते आई है।
स्केल और ग्रोथ का गणित
कंपनी का ऑपरेशनल विस्तार तेजी से बढ़ रहा है। ब्रोकरेज के डेटा के अनुसार, Meesho का सेलर नेटवर्क 81% बढ़कर 1.04 मिलियन पर पहुंच गया है। वहीं, कंपनी का यूजर बेस 274 मिलियन हो गया है और लक्ष्य 500 मिलियन ट्रांजैक्शनल यूजर्स तक पहुंचने का है। कंपनी का लक्ष्य 2026 से 2031 के बीच नेट मर्चेंडाइज वैल्यू में 25% की सालाना ग्रोथ बनाए रखना है। मैनेजमेंट के अनुसार, नए ग्राहकों को जोड़ने की लागत कम है और निवेश की भरपाई (payback period) 18 महीने में होने की उम्मीद है।
सेक्टर के रिस्क और चुनौतियां
इस ग्रोथ के बावजूद अनलिस्टेड स्पेस में निवेश करने वाले सतर्क हैं। भारतीय ई-कॉमर्स मार्केट में Flipkart और Amazon जैसे दिग्गजों के अलावा क्विक-कॉमर्स कंपनियों से कड़ी टक्कर है। भारी डिस्काउंट और प्राइस वॉर के कारण मुनाफे पर दबाव बना रहता है। साथ ही, अनलिस्टेड शेयरों में लिक्विडिटी कम होती है और रेगुलेटरी डिस्क्लोजर लिस्टेड कंपनियों जैसे नहीं होते, जिससे इनमें उतार-चढ़ाव अधिक हो सकता है।
निवेशकों के लिए अहम संकेत
निवेशकों को अब कंपनी की लॉजिस्टिक्स कॉस्ट कम करने और विज्ञापन से कमाई बढ़ाने की क्षमता पर नजर रखनी चाहिए। आने वाली तिमाहियों में कंपनी के EBITDA टारगेट्स और मौसमी बदलावों के असर को समझना मुनाफे के रास्ते में सबसे बड़ी परीक्षा होगी।
