Maruti Suzuki के शेयर में आई हालिया गिरावट के बाद Choice Institutional Equities ने इसे 'Buy' रेटिंग दी है। हालांकि कंपनी ने **6,96,000** से ज्यादा यूनिट्स की रिकॉर्ड बिक्री की है, लेकिन कमोडिटी की महंगाई और निवेश में घाटे के चलते नेट प्रॉफिट **27%** गिरकर **₹24 अरब** रह गया है।
ब्रोकरेज की नई चाल
Choice Institutional Equities ने Maruti Suzuki India के लिए अपनी रेटिंग को अपग्रेड कर 'Buy' कर दिया है। ब्रोकरेज का मानना है कि शेयर की हालिया गिरावट खरीदारी का एक अच्छा मौका हो सकती है। हालांकि, मुनाफे को लेकर चिंताओं के चलते ब्रोकरेज ने टारगेट प्राइस को ₹15,350 से घटाकर ₹13,500 कर दिया है।
रिकॉर्ड बिक्री, पर मुनाफे में सुस्ती
कंपनी ने इस बार अब तक की सबसे ज्यादा तिमाही बिक्री दर्ज की है। कुल 6,96,654 यूनिट्स की बिक्री हुई, जो पिछले साल की इसी अवधि के मुकाबले 26.5% अधिक है। घरेलू बाजार में सेल्स में 37.8% की जबरदस्त उछाल देखी गई। रिकॉर्ड सेल्स के दम पर नेट रेवेन्यू ₹506 अरब तक पहुंच गया, लेकिन नेट प्रॉफिट 27% गिरकर ₹24 अरब पर सिमट गया।
घाटे के पीछे क्या है कारण?
मुनाफे में यह गिरावट मुख्य रूप से दो वजहों से है:
- कमोडिटी की महंगाई: स्टील और एल्युमीनियम जैसे कच्चे माल की लागत बढ़ने से मार्जिन पर दबाव है।
- इन्वेस्टमेंट लॉस: कंपनी के सरप्लस कैश का निवेश बाजार में उतार-चढ़ाव की चपेट में आ गया, जिससे 'मार्क-टू-मार्केट' नुकसान उठाना पड़ा।
कॉम्पिटिशन का दबाव
ऑपरेटिंग मार्जिन में मामूली सुधार जरूर दिखा है, जो पिछली तिमाही के 8.2% से बढ़कर 8.9% हो गया है। हालांकि, Tata Motors, Mahindra & Mahindra और Hyundai जैसे दिग्गजों के बीच SUV सेगमेंट में कड़ी प्रतिस्पर्धा कंपनी के लिए चुनौती बनी हुई है। ब्रोकरेज ने स्टॉक का मूल्यांकन फाइनेंशियल ईयर 2028 और 2029 की अनुमानित कमाई के 22 गुना मल्टीपल पर किया है।
अब निवेशकों की नजर इस पर होगी कि क्या मारुति अपनी लागत को नियंत्रित कर पाती है और क्या नए SUV मॉडल्स कंपनी के प्रॉफिट मार्जिन को वापस ट्रैक पर ला पाएंगे।
