मार्केट एक्सपर्ट राजा वेंकटरामन ने 5 अगस्त 2026 के लिए EID Parry, Sapphire Foods और Aster DM Healthcare को टेक्निकल ट्रेडिंग के लिए चुना है। ये सुझाव भारतीय इंडेक्स में प्रॉफिट-बुकिंग के बाद आए हैं। ध्यान दें कि Aster DM Healthcare के तिमाही नतीजे आज आने वाले हैं, जिससे स्टॉक में उतार-चढ़ाव आ सकता है।
क्यों चुनी गई ये स्टॉक्स?
भारतीय शेयर बाजार 4 अगस्त 2026 को गिरावट के साथ बंद हुए, क्योंकि निवेशकों ने मुनाफे की बुकिंग की और आने वाले डेरिवेटिव एक्सपायरी के लिए पोजीशन ली। निफ्टी 50 और सेंसेक्स अपने हालिया ऊंचाइयों से नीचे आ गए, ऐसे में मार्केट पार्टिसिपेंट्स टेक्निकल सेटअप के आधार पर ट्रेडिंग के मौके तलाश रहे हैं। NeoTrader के को-फाउंडर राजा वेंकटरामन ने तीन स्टॉक्स - EID Parry, Sapphire Foods और Aster DM Healthcare पर खास नजर डाली है, जिनमें मौजूदा सेशन में मोमेंटम देखने को मिल सकता है।
EID Parry: मोमेंटम का संकेत
मुरुगप्पा ग्रुप की प्रमुख कंपनी EID Parry, जो स्वीटनर्स, न्यूट्रास्यूटिकल्स और बायो-एनर्जी के कारोबार में है, टेक्निकल चार्ट पर मजबूत अपट्रेंड के संकेत दे रही है। पिछले साल की गिरावट के बाद, स्टॉक में अब रिकवरी के आसार दिख रहे हैं। एनालिस्ट्स ऐसे चार्ट पैटर्न पर नजर रखते हैं जहां स्टॉक महत्वपूर्ण वैल्यू एरिया से ऊपर निकलता है, जो मोमेंटम में बदलाव का संकेत हो सकता है।
Sapphire Foods: सपोर्ट पर मजबूती
Sapphire Foods India Limited, जो ग्लोबल चेन Yum! Brands की एक बड़ी फ्रेंचाइजी पार्टनर है, भी वॉचलिस्ट में है। कंपनी के शेयर अप्रैल से ही महत्वपूर्ण टेक्निकल लेवल पर सपोर्ट बनाए हुए हैं, जिससे एक बेस बनने का संकेत मिलता है। ट्रेडर्स के लिए, इन सपोर्ट लेवल्स को बनाए रखने की क्षमता खरीदारी में रुचि का संकेत मानी जाती है। मौजूदा टेक्निकल आउटलुक बताता है कि अगर स्टॉक अपने इमीडिएट रेजिस्टेंस बैरियर्स को पार करता है तो यह ऊपरी स्तरों की ओर बढ़ सकता है।
Aster DM Healthcare: नतीजों का डबल इम्पैक्ट
Aster DM Healthcare की स्थिति खास है क्योंकि आज इसके तिमाही नतीजे आने वाले हैं। कंपनी का बोर्ड 5 अगस्त 2026 को जून 2026 को समाप्त तिमाही के लिए अनऑडिटेड फाइनेंशियल रिजल्ट्स पर विचार और मंजूरी देने के लिए बैठक करेगा। जनवरी से स्टॉक के प्राइस चार्ट में ट्रेडिंग वॉल्यूम में वृद्धि के साथ एक राउंडिंग रिकवरी पैटर्न देखने को मिला है। हालांकि टेक्निकल एक्सपर्ट्स इसे लॉन्ग अपॉर्चुनिटी मान रहे हैं, लेकिन निवेशकों को सावधान रहना चाहिए क्योंकि तिमाही नतीजों की घोषणा से शेयर की कीमतों में भारी उतार-चढ़ाव आ सकता है, भले ही टेक्निकल इंडिकेटर्स कुछ भी कहें।
रिस्क और रणनीति
इन स्टॉक्स पर विचार करने वाले निवेशकों को टेक्निकल ट्रेडिंग और लॉन्ग-टर्म इन्वेस्टमेंट के बीच अंतर समझना चाहिए। टेक्निकल पिक्स शॉर्ट-टर्म चार्ट सिग्नल्स पर आधारित होते हैं, न कि लॉन्ग-टर्म बिजनेस फंडामेंटल्स पर। इन ट्रेड्स में मार्केट वोलैटिलिटी, अप्रत्याशित कंपनी समाचार और स्टॉप-लॉस ट्रिगर होने की संभावना जैसे जोखिम शामिल हैं। व्यापक बाजार की हालिया कमजोरी और RBI पॉलिसी को लेकर सावधानी को देखते हुए, किसी भी शॉर्ट-टर्म ट्रेडिंग रणनीति के लिए अनुशासित रिस्क मैनेजमेंट बनाए रखना आवश्यक है।
