बाजार में हालिया **1.5%** की गिरावट के बाद मार्केट एनालिस्ट्स कुछ खास शेयरों के टेक्निकल चार्ट्स को बारीकी से देख रहे हैं। इसमें मूविंग एवरेज, प्राइस डायवर्जेंस और डेरिवेटिव्स डेटा के जरिए ऑटो, फार्मा और फाइनेंस सेक्टर के शेयरों का आकलन किया जा रहा है।
बेंचमार्क इंडेक्स में 1.5% की हालिया फिसलन के बाद बाजार के जानकार अब सेंटीमेंट को भांपने के लिए टेक्निकल इंडिकेटर्स का सहारा ले रहे हैं। इस एनालिसिस में मूविंग एवरेज और प्राइस पैटर्न जैसे टूल्स का इस्तेमाल करके यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि कौन से शेयर मौजूदा माहौल में खुद को मजबूती से पेश कर रहे हैं।
तेजी के संकेत (Bullish Indicators)
कुछ शेयरों में चार्ट्स पर पॉजिटिव मोमेंटम दिख रहा है। LIC Housing Finance का प्राइस एक्शन इसके 200-डे Exponential Moving Average के पास बना हुआ है, जो लॉन्ग टर्म ट्रेंड के लिए एक अहम सपोर्ट लेवल है। वहीं रिन्यूएबल एनर्जी सेक्टर में IREDA ने आरली चार्ट्स पर बुलिश डायवर्जेंस दिखाया है, जो ट्रेंड में संभावित बदलाव का संकेत हो सकता है।
ऑटो सेक्टर में Mahindra and Mahindra पर 'बुलिश एंगल्फिंग' पैटर्न बन रहा है, जो अक्सर डिमांड बढ़ने का इशारा देता है। फार्मा स्पेस में Zydus Lifesciences लगातार हायर हाई और हायर लो बनाकर अपने ग्रोथ ट्रेंड को बरकरार रखे हुए है। स्टील सेक्टर की SAIL ने भी फाइबोनैचि (Fibonacci) सपोर्ट लेवल से रिकवरी दिखाई है और यह अपने 50-वीक एवरेज के ऊपर बनी हुई है।
दबाव वाले स्टॉक्स (Technical Pressure)
हर जगह तस्वीर सकारात्मक नहीं है। Swiggy के डेरिवेटिव्स डेटा में प्राइस घटने के साथ ओपन इंटरेस्ट (Open Interest) बढ़ा है, जिसे एक्सपर्ट्स शॉर्ट-सेलिंग के रूप में देख रहे हैं। शेयर अपने 'मैक्सिमम पेन' लेवल के नीचे ट्रेड कर रहा है।
इसके अलावा, CDSL में ऊपरी स्ट्राइक प्राइस पर कॉल ऑप्शन जुड़ने से एक रेजिस्टेंस लेवल बनता दिख रहा है। वहीं, Pidilite Industries के लिए ₹1,530 का लेवल पार करना चुनौती बना हुआ है। जब कोई स्टॉक बार-बार एक रेजिस्टेंस पॉइंट से लौटता है, तो बाजार में सावधानी का माहौल बन जाता है।
