Marico के निवेशकों के लिए खुशखबरी है। ब्रोकरेज हाउस Prabhudas Lilladher द्वारा रेटिंग अपग्रेड करने और **₹958** का टारगेट तय करने के बाद शेयर में **8%** से अधिक की शानदार तेजी देखने को मिली है।
शानदार Q2 नतीजों का दम
Marico ने हाल ही में अपने फाइनेंशियल ईयर 2027 की दूसरी तिमाही के जो नतीजे पेश किए, वे काफी मजबूत रहे। कंपनी का कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट सालाना आधार पर 31% बढ़कर ₹550 करोड़ पहुंच गया है। इसके अलावा, कंपनी का रेवेन्यू 13% बढ़कर ₹3,897 करोड़ रहा, जबकि ऑपरेटिंग मार्जिन 200 बेसिस पॉइंट्स बढ़कर 18.2% पर पहुंच गया है। घरेलू मार्केट में 10% वॉल्यूम ग्रोथ और फ्लैगशिप ब्रांड 'Parachute' में 13% की बढ़त ने नतीजों को जबरदस्त सपोर्ट दिया है।
नई स्ट्रैटेजी और टारगेट
ब्रोकरेज Prabhudas Lilladher ने अपने नोट में बताया कि Marico ने अपने रेवेन्यू माइलस्टोन टारगेट को 2029 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा है, जो पहले की तुलना में एक साल जल्दी है। कंपनी अपनी 'SETU 2.0' पहल के तहत आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) का इस्तेमाल कर रही है, जिससे मार्केट पहुंच और प्रीमियम प्रोडक्ट लाइन्स का विस्तार किया जा सके। इन नतीजों के बाद, ब्रोकरेज ने EBITDA ग्रोथ गाइडेंस को भी बढ़ाकर मिड-ट्वेंटीज (mid-twenties) कर दिया है।
कच्चे माल की महंगाई का डर
हालांकि कंपनी का लॉन्ग-टर्म आउटलुक पॉजिटिव है, लेकिन शॉर्ट-टर्म में कुछ रिस्क भी बने हुए हैं। एनालिस्ट्स का मानना है कि बढ़ते इनपुट कॉस्ट से प्रॉफिट मार्जिन पर दबाव आ सकता है। उदाहरण के तौर पर, कोपरा की कीमतों में हालिया निचले स्तरों से 19% का उछाल आया है। इसके अलावा, कंपनी को पैकेजिंग और मैन्युफैक्चरिंग में इस्तेमाल होने वाले कच्चे माल जैसे HDPE, लिक्विड पैराफिन (LLP) और राइस ब्रान ऑयल की बढ़ती लागत का भी सामना करना पड़ रहा है। अब देखना यह होगा कि कंपनी इन खर्चों का बोझ ग्राहकों पर डाल पाती है या इसका असर आने वाली तिमाहियों के मार्जिन पर पड़ेगा।
