Marcellus Investment Managers ने ग्लोबल एसेट मैनेजर VanEck के साथ साझेदारी की है। इस नए मल्टी-एसेट फंड के जरिए इन्वेस्टर्स अब ग्लोबल बॉन्ड्स, कमोडिटी और थीमैटिक इक्विटी में पैसा लगा सकेंगे।
क्या है निवेश की रणनीति?
यह नया फंड 'कैटेगरी III AIF' (Alternative Investment Fund) स्ट्रक्चर के जरिए काम करेगा। इसमें भारतीय इन्वेस्टर्स का पैसा मास्टर फंड में जाएगा, जिसे VanEck की मॉडल पोर्टफोलियो सिफारिशों के आधार पर मैनेज किया जाएगा। इस फंड का मुख्य फोकस ग्लोबल मार्केट्स में डाइवर्सिफिकेशन है, जिसमें सेमीकंडक्टर्स, न्यूक्लियर एनर्जी, यूरेनियम और गोल्ड जैसे एसेट्स शामिल हैं।
GIFT City का बढ़ता दायरा
GIFT City में अपने परिचालन के 4 साल पूरे होने के साथ, Marcellus ने अब तक $75 मिलियन से अधिक की एसेट्स जुटाई हैं और 1,000 से ज्यादा इन्वेस्टर्स को अपनी सेवाएं दे रहे हैं। IFSCA के बेहतर रेगुलेटरी फ्रेमवर्क के कारण अब इंटरनेशनल निवेश के रास्ते और आसान हो रहे हैं।
इन्वेस्टर्स के लिए जरूरी बातें और रिस्क
निवेश करने से पहले यह जानना जरूरी है कि इस फंड में निवेश डॉलर में होता है, इसलिए करेंसी उतार-चढ़ाव (Rupee vs Dollar) का सीधा असर आपके मुनाफे पर पड़ेगा। इसके अलावा, यूरेनियम और कमोडिटी जैसे सेक्टर्स में भारी वोलेटिलिटी बनी रहती है।
कंपनी ने इसे लॉन्ग-टर्म निवेश बनाने के लिए 2% का एग्जिट लोड रखा है, जो अगर आप 24 महीने से पहले पैसा निकालते हैं, तो देना होगा। ध्यान रखें कि ये फंड्स SEBI के बजाय IFSCA के दायरे में आते हैं, इसलिए इनकी रेगुलेटरी शर्तें डोमेस्टिक म्यूचुअल फंड्स से अलग हैं।
