Mankind Pharma ने शानदार तिमाही नतीजे पेश किए हैं। कंपनी का नेट प्रॉफिट **37.7%** बढ़कर **₹711.5 करोड़** पर पहुंच गया है, जिसके पीछे एक्सपोर्ट बिजनेस में **33%** की उछाल मुख्य वजह है। हालांकि, कंज्यूमर हेल्थकेयर सेगमेंट में सुस्ती ने निवेशकों और एनालिस्ट्स की चिंताएं बढ़ा दी हैं।
दमदार प्रदर्शन के पीछे की वजह
सितंबर 2026 को समाप्त तिमाही में Mankind Pharma ने रेवेन्यू में 17.3% की वृद्धि दर्ज की है। कंपनी का कुल रेवेन्यू ₹4,338 करोड़ रहा, जिसने बाजार के अनुमानों को पीछे छोड़ दिया। नेट प्रॉफिट में 37.7% की भारी बढ़ोतरी के पीछे कम फाइनेंस कॉस्ट और टैक्स का अनुकूल प्रभाव रहा। कंपनी का प्रॉफिट मार्जिन 16.4% दर्ज किया गया है।
एक्सपोर्ट बनाम कंज्यूमर सेगमेंट
कंपनी के लिए सबसे बड़ी ग्रोथ एक्सपोर्ट फॉर्म्युलेशन बिजनेस से आई है, जिसमें साल-दर-साल 33% का इजाफा हुआ है। लेकिन दूसरी ओर, कंज्यूमर हेल्थकेयर बिजनेस में कोई हलचल नहीं दिखी और यह स्थिर बना रहा। यह इस बात का संकेत है कि कंपनी को अपने नॉन-प्रिस्क्रिप्शन वेलनेस बिजनेस को बढ़ाने के लिए कड़ी चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है।
मैनेजमेंट और ब्रोकरेज का नजरिया
कंपनी का मैनेजमेंट भारतीय फार्मा मार्केट की तुलना में 1.1 से 1.2 गुना अधिक ग्रोथ की उम्मीद कर रहा है। वित्त वर्ष 2027 के लिए EBITDA मार्जिन का लक्ष्य 25.5% से 26.5% के बीच रखा गया है। साथ ही, कंपनी अपने रेवेन्यू का करीब 2.8% से 3.0% हिस्सा रिसर्च एंड डेवलपमेंट (R&D) में निवेश कर रही है।
ब्रोकरेज फर्म Systematix ने स्टॉक पर 'Hold' की रेटिंग बरकरार रखी है और इसका टारगेट प्राइस ₹2,498 तय किया है। जानकारों का मानना है कि कंज्यूमर हेल्थकेयर सेगमेंट में सुधार की उम्मीद वित्त वर्ष 2028 से पहले करना मुश्किल है। निवेशकों के लिए अब अहम यह देखना होगा कि क्या कंपनी एक्सपोर्ट की सफलता के साथ घरेलू मार्केट में भी वापसी कर पाती है या नहीं।
