Manipal Health Enterprises: मार्केट में आते ही धमाका! कंपनी की वैल्यूएशन हुई **₹1 लाख करोड़** के पार

BROKERAGE-REPORTS
Whalesbook Logo
AuthorNeha Patil|Published at:
Manipal Health Enterprises: मार्केट में आते ही धमाका! कंपनी की वैल्यूएशन हुई **₹1 लाख करोड़** के पार

Manipal Health Enterprises ने अपनी लिस्टिंग के एक महीने से भी कम समय में **₹1 लाख करोड़** का मार्केट कैप हासिल कर लिया है। शेयरों में आई तेज उछाल के पीछे मजबूत रेवेन्यू ग्रोथ और ब्रोकरेज की सकारात्मक राय है, हालांकि कर्ज के बोझ का असर मुनाफे पर दिख रहा है।

ऐतिहासिक उपलब्धि

Manipal Hospitals चलाने वाली कंपनी Manipal Health Enterprises ने 28 अगस्त 2026 को एक बड़ा मुकाम हासिल किया, जब इसका मार्केट कैप ₹1 लाख करोड़ के आंकड़े को पार कर गया। कंपनी के लिए यह सफर काफी तेज रहा है, क्योंकि इसने 5 अगस्त 2026 को ही शेयर बाजार में कदम रखा था। लिस्टिंग के बाद से ही संस्थागत और रिटेल निवेशकों के बीच इस शेयर को लेकर जबरदस्त उत्साह है।

फाइनेंशियल ईयर 2027 के नतीजे

कंपनी की पहली तिमाही के आंकड़े बताते हैं कि वह विस्तार के साथ-साथ वित्तीय दबाव का भी सामना कर रही है। कंपनी का रेवेन्यू साल-दर-साल 38.1% बढ़कर ₹3,091 करोड़ पर पहुंच गया है, जो इसकी मजबूत मार्केट डिमांड को दर्शाता है। वहीं, नेट प्रॉफिट में 4.2% की गिरावट आई है। इस गिरावट की मुख्य वजह Sahyadri Hospitals के अधिग्रहण के बाद चुकाया गया भारी-भरकम ब्याज (Interest Cost) है।

क्या है ब्रोकरेज की राय?

HSBC Global Investment Research ने इस स्टॉक पर अपना भरोसा जताते हुए इसे 'Buy' रेटिंग दी है और ₹1,000 का टारगेट प्राइस रखा है। विश्लेषकों का मानना है कि जैसे-जैसे कंपनी नए अधिग्रहणों को अपने सिस्टम में पूरी तरह मिला लेगी (Integration), उसके प्रॉफिट मार्जिन में सुधार होगा और कर्ज का अनुपात (Debt-to-operating-profit ratio) बेहतर होगा।

ऑपरेशनल अपडेट्स

कंपनी का नेटवर्क अब 50 अस्पतालों तक फैल चुका है, जहां ऑक्यूपेंसी लेवल बढ़कर 65% पर पहुंच गया है। यह 290 बेसिस पॉइंट्स का सुधार है। FY23 से अब तक कंपनी ने अपनी कुल बेड क्षमता को दोगुना कर लिया है, जो इसे प्राइवेट हेल्थकेयर सेक्टर का दिग्गज खिलाड़ी बनाता है।

निवेशकों के लिए जोखिम

बाजार के जानकारों का मानना है कि कंपनी के सामने कुछ चुनौतियां भी हैं। दिल्ली जैसे बड़े शहरों में स्पेशलाइज्ड मेडिकल टैलेंट (डॉक्टर्स) को रिटेन करना और उन्हें काम पर रखना एक बड़ी चुनौती है। साथ ही, निवेशकों की नजर इस बात पर भी है कि कंपनी Sahyadri Hospitals के अधिग्रहण को बिना किसी लागत वृद्धि या ऑपरेशनल देरी के कैसे संभालती है। मैनेजमेंट के लिए कर्ज को कंट्रोल करना और विस्तार को जारी रखना आने वाली तिमाहियों में स्टॉक की दिशा तय करेगा।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.