Mahindra & Mahindra ने Q2 FY27 के लिए दमदार नतीजे पेश किए हैं। ऑटो सेक्टर की मजबूत मांग के चलते कंपनी का कंसोलिडेटेड प्रॉफिट **25%** बढ़कर **₹4,588 करोड़** पहुंच गया है, हालांकि ट्रैक्टर सेगमेंट में सुस्ती निवेशकों के लिए एक बड़ा 'हेडविंड' साबित हो रही है।
ऑटो का दम, ट्रैक्टर का गम
Mahindra & Mahindra के नतीजों में एक मिला-जुला ट्रेंड देखने को मिला है। जहां कंपनी का ऑटोमोटिव डिवीजन शानदार प्रदर्शन कर रहा है, वहीं फार्म इक्विपमेंट सेगमेंट को मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। कंपनी का ऑटोमोटिव रेवेन्यू 39% की भारी उछाल के साथ ₹37,756 करोड़ पर जा पहुंचा है, जो कंपनी के कुल मुनाफे का मुख्य इंजन बना है।
ट्रैक्टर सेगमेंट पर दबाव
दूसरी ओर, ग्रामीण भारत की सुस्त मांग और मानसून की अनिश्चितता का असर कंपनी के ट्रैक्टर कारोबार पर साफ दिख रहा है। फार्म इक्विपमेंट सेगमेंट में रेवेन्यू और ट्रैक्टर वॉल्यूम, दोनों में 6% की गिरावट दर्ज की गई है। ग्रामीण सेंटीमेंट कमजोर होने के कारण कंपनी ने अपने ट्रैक्टर इंडस्ट्री ग्रोथ के अनुमान को घटाकर 'फ्लैट' कर दिया है, जो पहले मिड-सिंगल डिजिट में रहने की उम्मीद थी।
निवेशकों के लिए आगे की राह
फिलहाल शेयर ₹3,000 से ₹3,150 के रेंज में ट्रेड कर रहा है। आने वाले क्वार्टर्स में ऑटो बिजनेस की रफ्तार और फार्म सेगमेंट में मार्जिन मैनेजमेंट ही इस स्टॉक की दिशा तय करेंगे। निवेशकों को अब ग्रामीण खपत और इन्वेंटरी लेवल पर नजर रखनी होगी, ताकि यह समझा जा सके कि यह ग्रोथ ट्रैक कितना सस्टेनेबल है।
