Mahindra Logistics ने सितंबर तिमाही में शानदार वापसी करते हुए **₹26 करोड़** का नेट प्रॉफिट दर्ज किया है। कंपनी का रेवेन्यू **24%** बढ़कर **₹2,100 करोड़** रहा है, लेकिन हाई वैल्यूएशन के कारण ब्रोकरेज हाउसेस ने सतर्क रुख अपनाया है।
Mahindra Logistics ने फाइनेंशियल ईयर 2027 की दूसरी तिमाही के लिए अपने नतीजे पेश कर दिए हैं। कंपनी ने पिछले साल की समान अवधि के ₹10 करोड़ के नुकसान के मुकाबले इस बार ₹26 करोड़ का नेट प्रॉफिट हासिल किया है। ऑपरेशंस से होने वाला रेवेन्यू 24% बढ़कर ₹2,100 करोड़ पहुंच गया है, जो कंपनी के आंतरिक अनुमानों से 10% बेहतर रहा है।
बिजनेस का प्रदर्शन
इस ग्रोथ के पीछे सबसे बड़ी ताकत कंपनी का सप्लाई चेन मैनेजमेंट डिविजन रहा, जिसने कुल रेवेन्यू में ₹1,970 करोड़ का योगदान दिया। इसके अलावा, एंटरप्राइज मोबिलिटी सर्विसेज डिविजन की मांग भी जबरदस्त रही, जहां रेवेन्यू 32% बढ़कर ₹124 करोड़ दर्ज किया गया। इन नतीजों के दम पर कंपनी का ऑपरेटिंग प्रॉफिट (EBITDA) ₹120 करोड़ रहा और मार्जिन में 90 बेसिस पॉइंट्स का सुधार होकर यह 5.9% पर पहुंच गया है।
ब्रोकरेज की क्या है राय?
नतीजों के बाद Motilal Oswal जैसी ब्रोकरेज फर्मों ने स्टॉक पर 'न्यूट्रल' रेटिंग बरकरार रखी है। हालांकि ब्रोकरेज को फाइनेंशियल ईयर 2028 तक रेवेन्यू में 19% और ऑपरेटिंग प्रॉफिट में 28% की सालाना दर से ग्रोथ की उम्मीद है, लेकिन मौजूदा स्टॉक प्राइस पहले ही इन उम्मीदों को शामिल कर चुका है। ब्रोकरेज ने शेयर के लिए ₹400 का टारगेट प्राइस सेट किया है।
रिस्क फैक्टर्स पर नजर
निवेशकों के लिए कुछ चुनौतियां अब भी बरकरार हैं। Mahindra Logistics का बड़ा हिस्सा अभी भी Mahindra & Mahindra पर निर्भर है, इसलिए ऑटो सेक्टर में किसी भी सुस्ती का सीधा असर कंपनी के मुनाफे पर पड़ सकता है। इसके अलावा, Delhivery जैसे नए टेक-इनेबल्ड प्लेयर्स से मिल रही कड़ी टक्कर और बढ़ती परिचालन लागत (Operating Costs) कंपनी के मार्जिन पर दबाव डाल सकती है। अब निवेशकों की नजर इस बात पर है कि कंपनी नए ऑर्डर्स को कितनी कुशलता से पूरा करती है और अपने क्लाइंट बेस को कितना डायवर्सिफाई कर पाती है।
