ग्लोबल ब्रोकरेज फर्म Macquarie ने भारत के प्रमुख एक्सचेंजों पर कवरेज शुरू कर दी है। NSE, BSE और MCX को 'Outperform' रेटिंग देते हुए शानदार टारगेट दिए गए हैं। भारतीय बाजारों के विस्तार के बीच इन एक्सचेंजों की मजबूत कैश-जनरेटिंग क्षमता पर ब्रोकरेज ने भरोसा जताया है।
ग्लोबल ब्रोकरेज फर्म Macquarie ने भारतीय मार्केट के इंफ्रास्ट्रक्चर दिग्गजों पर दांव लगाया है। NSE के बहुप्रतीक्षित IPO से पहले कंपनी ने NSE, BSE और MCX को 'Outperform' रेटिंग दी है।
NSE के लिए क्या है आउटलुक?
ब्रोकरेज ने NSE के लिए ₹1,965 का टारगेट प्राइस सेट किया है, जो इसके ₹1,785 के IPO प्राइस से लगभग 10% अधिक है। विशेषज्ञों का मानना है कि NSE भारत के फाइनेंशियल सिस्टम की रीढ़ है और इसका मजबूत नेटवर्क इसे बाजार में जबरदस्त एडवांटेज देता है।
BSE और MCX पर भी मेहरबान
Macquarie ने BSE के लिए ₹4,000 का टारगेट दिया है, जो मौजूदा स्तरों से 20% से ज्यादा का रिटर्न दिखा सकता है। ब्रोकरेज के मुताबिक, इंडेक्स ऑप्शंस पर BSE का फोकस और डेरिवेटिव्स मार्केट में इसकी बढ़ती हिस्सेदारी मुनाफे के मार्जिन को बेहतर बनाएगी। वहीं, कमोडिटी मार्केट के दिग्गज MCX को ₹3,820 का टारगेट दिया गया है। कंपनी अपने पिछले ऑपरेशन्स के मुद्दों से बाहर निकल चुकी है और मार्केट में अपनी लीडरशिप बरकरार रखे हुए है।
निवेशकों के लिए क्या है समझना जरूरी?
एक्सचेंज कंपनियों का बिजनेस मॉडल 'टोल बूथ' की तरह काम करता है, जहां हर ट्रेड पर उन्हें फीस मिलती है। इनमें रॉ मटेरियल का खर्च न होने के कारण ये कंपनियां हाई प्रॉफिट मार्जिन के साथ चलती हैं। हालांकि, इनमें रेगुलेटरी बदलाव और सरकारी नीतियों का जोखिम हमेशा बना रहता है। निवेशकों को सलाह है कि वे NSE की लिस्टिंग, BSE की डेरिवेटिव्स बाजार में पकड़ और MCX के नए प्रोडक्ट इनोवेशन पर नजर रखें।
