MSCI नवंबर 2026 में अपने इंडेक्स में बड़े बदलाव करने की तैयारी में है, जिससे बाजार में हलचल बढ़ सकती है। अनुमान है कि Life Insurance Corporation (LIC), Swiggy और Coforge इंडेक्स का हिस्सा बन सकते हैं, जबकि PI Industries जैसे शेयरों पर बाहर होने का खतरा मंडरा रहा है।
बाजार पर असर
MSCI की इस सेमी-एनुअल रिव्यू का भारतीय शेयर बाजार पर गहरा असर पड़ता है। इंडेक्स में फेरबदल के बाद पैसिव फंड्स और ETFs को अपनी पोर्टफोलियो होल्डिंग्स में बदलाव करना पड़ता है, जिससे उन खास शेयरों में भारी वॉल्यूम और वोलेटिलिटी देखी जाती है।
'फ्री फ्लोट' का खेल
MSCI किसी भी कंपनी को चुनते समय उसकी कुल मार्केट कैप के बजाय 'फ्री फ्लोट-एडजस्टेड मार्केट कैपिटलाइजेशन' पर ध्यान देता है। यानी कंपनी के कितने शेयर आम जनता के पास ट्रेडिंग के लिए उपलब्ध हैं। अगर प्रमोटर होल्डिंग ज्यादा है और पब्लिक फ्लोट कम, तो बड़ी कंपनियों के लिए भी इंडेक्स में जगह बनाना मुश्किल हो जाता है, जैसा हमने Adani Group के मामलों में पहले देखा है।
संभावित एंट्री और एग्जिट का गणित
Centrum Broking की रिपोर्ट्स के मुताबिक, LIC के पास अब बेहतर मौका है क्योंकि अगस्त 2026 में आए OFS के बाद इसका फ्री फ्लोट 15% की अनिवार्य सीमा से ऊपर चला गया है। Swiggy, Coforge, Meesho और Glenmark भी क्राइटेरिया के दायरे में बने हुए हैं।
दूसरी तरफ, जिन कंपनियों का फ्री फ्लोट-एडजस्टेड वैल्यू सबसे कम है, उनके बाहर होने का खतरा सबसे ज्यादा है। इनमें PI Industries, ICICI Prudential Life, Oberoi Realty, Petronet LNG और Tata Communications जैसे नाम शामिल हैं।
अक्टूबर कट-ऑफ पर नजर
यह ध्यान रखना जरूरी है कि ये सभी प्रोजेक्शंस फिलहाल शुरुआती हैं। MSCI अंतिम फैसला अक्टूबर के आखिरी 10 दिनों के प्राइस डेटा के आधार पर लेगा। Sona Comstar, Biocon और Hyundai जैसे शेयर अभी भी 'बॉर्डर' पर हैं, जहां कीमतों में मामूली उतार-चढ़ाव भी अंतिम सूची को बदल सकता है। नवंबर के पहले पखवाड़े में होने वाली आधिकारिक घोषणा ही तय करेगी कि विदेशी पैसा किस तरफ मुड़ेगा।
