MSCI India Standard Index अपने आगामी नवंबर रिव्यू में तीन नई कंपनियों को शामिल करने और दो को बाहर करने की तैयारी में है। इस रीबैलेंसिंग से मार्केट में **$1.4 बिलियन** का पैसिव फंड आने का अनुमान है।
रीबैलेंसिंग से मार्केट में हलचल
MSCI इंडिया इंडेक्स का आधिकारिक रिव्यू 11 नवंबर को होना है, जिसके बाद 1 दिसंबर को मार्केट बंद होने के साथ ये बदलाव लागू हो जाएंगे। एनालिस्ट्स का मानना है कि इस बार इंडेक्स में 3 कंपनियों की एंट्री और 2 कंपनियों की एग्जिट संभव है, जिससे बाजार में भारी वॉल्यूम देखने को मिलेगा।
कौन होगा शामिल और कौन बाहर?
मार्केट रिपोर्ट्स के मुताबिक, Life Insurance Corporation of India (LICI) और Meesho को इंडेक्स में शामिल करने की प्रबल संभावनाएं हैं, क्योंकि इन्होंने मार्केट वैल्यू और फ्री-फ्लोट के मानकों को पूरा कर लिया है। साथ ही, Coforge के MSCI स्मॉल कैप से स्टैंडर्ड इंडेक्स में प्रमोट होने की उम्मीद है। दूसरी ओर, Oracle Financial Services Software (OFSS) और Siemens इंडेक्स से बाहर हो सकते हैं, जिसका मुख्य कारण उनका घटता फ्री-फ्लोट मार्केट कैप और लिक्विडिटी की समस्या है।
निवेशकों के लिए क्यों जरूरी है यह?
जब भी MSCI इंडेक्स में फेरबदल होता है, तो दुनियाभर के बड़े फंड्स को अपनी पोर्टफोलियो होल्डिंग को इंडेक्स के नए कंपोजिशन के साथ अलाइन करना पड़ता है। इसका सीधा मतलब है कि जो शेयर इंडेक्स में जुड़ेंगे, उनमें बड़ी मात्रा में खरीदारी होगी, जबकि बाहर होने वाले शेयरों में बिकवाली का दबाव दिखेगा। ध्यान रखें कि ये मूव्स फंड फ्लो के कारण होते हैं, कंपनी के बिजनेस के फंडामेंटल के कारण नहीं, इसलिए ऐसी वोलेटिलिटी अक्सर अस्थायी होती है।
निवेशकों को 11 नवंबर की आधिकारिक घोषणा पर नजर रखनी चाहिए, क्योंकि उसके बाद स्टॉक के लिक्विडिटी लेवल और कीमतों में उतार-चढ़ाव बढ़ सकते हैं।
