MCX: रिकॉर्ड मुनाफे का धमाका! सोने-चांदी की ट्रेडिंग से बंपर कमाई, शेयर में तेज़ी की उम्मीद

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AuthorMehul Desai|Published at:
MCX: रिकॉर्ड मुनाफे का धमाका! सोने-चांदी की ट्रेडिंग से बंपर कमाई, शेयर में तेज़ी की उम्मीद
Overview

Multi Commodity Exchange (MCX) के लिए 2026 का चौथा तिमाही (Q4FY26) रिकॉर्ड तोड़ साबित होने वाला है। कंपनी ने **₹8.92 अरब** के रेवेन्यू और **₹5.5 अरब** के नेट प्रॉफिट का अनुमान लगाया है, जो मुख्य रूप से बुलियन (सोना-चांदी) ऑप्शंस ट्रेडिंग में आई ज़बरदस्त तेज़ी के कारण है।

बुलियन में तेज़ी लाया रिकॉर्ड तिमाही, वॉल्यूम में नरमी की उम्मीद

Multi Commodity Exchange (MCX) फाइनेंशियल ईयर 2026 की चौथी तिमाही (Q4FY26) में इतिहास रचने की कगार पर है। कंपनी का अनुमानित रेवेन्यू ₹8.92 अरब है, जो पिछली तिमाही के मुकाबले 34.1% ज़्यादा है। वहीं, नेट प्रॉफिट में भी 37.2% की जोरदार उछाल के साथ ₹5.5 अरब का आंकड़ा छूने की उम्मीद है। इस बंपर कमाई का मुख्य कारण बुलियन (सोना-चांदी) में ऑप्शंस ट्रेडिंग (Options Trading) में आई ज़बरदस्त तेज़ी है। बुलियन अब एवरेज डेली ट्रेडिंग वॉल्यूम (ADTV) का 30% हिस्सा रखता है, जो कि एनर्जी कॉन्ट्रैक्ट्स के दबदबे को दिखाता है। हालांकि, बाज़ार की वोलेटिलिटी (Volatility) कम होने के साथ, अगली तिमाही (Q1FY27) में ट्रेडिंग वॉल्यूम में सामान्य स्तर पर आने की उम्मीद है।

टैक्स पॉलिसी का फायदा और क्लाइंट्स की बढ़ती संख्या

हालिया बजट में इक्विटी पर सिक्योरिटीज ट्रांजैक्शन टैक्स (STT) बढ़ाने और कमोडिटी पर कमोडिटी ट्रांजैक्शन टैक्स (CTT) को स्थिर रखने से MCX को बड़ा फायदा मिला है। इससे कमोडिटी ट्रेडिंग इक्विटी की तुलना में करीब 35-38% सस्ती हो गई है, जो इस सेक्टर के लिए नियामक समर्थन का संकेत है। MCX के ऑप्शंस सेगमेंट में एक्टिव क्लाइंट कोड्स (Active Client Codes) में साल-दर-साल 62% की भारी बढ़ोतरी देखी गई है, जो बढ़कर 8.9 लाख हो गए हैं। यह रिटेल निवेशकों और डिस्काउंट ब्रोकर्स की बढ़ती भागीदारी को दर्शाता है। हालांकि, इक्विटी एक्सचेंजों के मुकाबले अभी भी एक बड़ा गैप है, जहां इक्विटी ऑप्शंस में 40-50 लाख एक्टिव निवेशक हैं। MCX का मार्केट कैप फिलहाल करीब ₹63,192 करोड़ है और इसका पी/ई रेशियो (P/E Ratio) लगभग 65.8x के आसपास है। फाइनेंशियल ईयर 2024 में कमोडिटी डेरिवेटिव्स में MCX की मार्केट हिस्सेदारी 97% रही है।

भविष्य की चिंताएं और ब्रोकरेज का भरोसा

बाजार की अस्थिरता कम होने पर ट्रेडिंग वॉल्यूम के सामान्य होने की उम्मीदों को देखते हुए, वैल्यूएशन मल्टीपल (Valuation Multiple) में थोड़ी कमी आई है। Q1FY27 में वॉल्यूम घटने की आशंका MCX के लिए मौजूदा विकास गति को बनाए रखने में एक चुनौती पेश कर सकती है। वहीं, HDFC Securities ने MCX पर 'BUY' रेटिंग बरकरार रखी है और शेयर का टारगेट प्राइस (Target Price) बढ़ाकर ₹2,950 कर दिया है, जो मौजूदा स्तरों से लगभग 19% की तेज़ी का संकेत देता है। ब्रोकरेज एनालिस्ट्स ने मजबूत Q4 नतीजों के मद्देनजर अपने अनुमानों को 7-13% तक बढ़ाया है। MCX के डेवलपमेंट पाइपलाइन, जिसमें नए इंडेक्स डेरिवेटिव्स (Index Derivatives) और फॉरेन पोर्टफोलियो इन्वेस्टर्स (FPI) की संभावित भागीदारी शामिल है, आगे चलकर ग्रोथ को बढ़ावा दे सकती है।

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