ब्रोकरेज फर्म Prabhudas Lilladher ने फार्मा सेक्टर की बड़ी कंपनी Lupin पर 'Accumulate' रेटिंग बरकरार रखते हुए ₹2,250 का टारगेट प्राइस तय किया है। हाल ही में कंपनी के ऑपरेटिंग प्रॉफिट में **8%** की गिरावट दर्ज की गई है, जिसके बाद निवेशक अब मार्जिन के मोर्चे पर सतर्क हैं।
ब्रोकरेज फर्म Prabhudas Lilladher ने फार्मा दिग्गज Lupin के लिए ₹2,250 का टारगेट सेट किया है। 6 नवंबर, 2026 तक यह स्टॉक लगभग ₹1,988 के आसपास कारोबार कर रहा है। ब्रोकरेज ने भले ही शेयर पर 'Accumulate' रेटिंग दी है, लेकिन आने वाली तिमाहियों में मार्जिन की स्थिरता को लेकर चिंताएं जताई हैं।
मुनाफे और मार्जिन का हाल
Lupin ने फाइनेंशियल ईयर 2027 की दूसरी तिमाही में ₹19.6 बिलियन का ऑपरेटिंग प्रॉफिट (EBITDA) दर्ज किया है, जो पिछले साल के मुकाबले 8% कम है। एनालिस्ट्स का मानना है कि कंपनी के लिए अब मार्जिन के पीक का दौर खत्म हो रहा है। हाल के दिनों में कंपनी को अमेरिका में फेवरेबल प्रोडक्ट मिक्स और घरेलू बाजार में बेहतर सेल्स का फायदा मिला था, लेकिन अब इन सपोर्टिंग फैक्टर्स के कम होने से प्रॉफिट मार्जिन पर दबाव दिख सकता है।
प्रोडक्ट कंसंट्रेशन रिस्क
निवेशकों को कंपनी के प्रोडक्ट पोर्टफोलियो में कंसंट्रेशन रिस्क पर ध्यान देना चाहिए। रिपोर्ट के मुताबिक, Lupin की कुल अर्निंग प्रति शेयर (EPS) का करीब 50% हिस्सा सिर्फ तीन दवाओं—gTolvaptan, gMirabegron, और gSpiriva—से आता है। यह निर्भरता कंपनी के फाइनेंशियल परफॉरमेंस को काफी जोखिम भरा बनाती है।
अमेरिकी बाजार में चुनौती
अमेरिकी बाजार, जो भारतीय फार्मा कंपनियों के लिए कमाई का बड़ा जरिया है, वहां मुकाबला लगातार बढ़ रहा है। gTolvaptan की बाजार स्थिति पहले से ही मुश्किल हो रही है और फाइनेंशियल ईयर 2027 की तीसरी तिमाही से gMirabegron के क्षेत्र में भी कॉम्पिटिशन बढ़ने की पूरी संभावना है। बढ़ती प्रतिस्पर्धा के कारण कीमतों पर दबाव बढ़ सकता है, जिससे मुनाफा प्रभावित हो सकता है।
भविष्य का आउटलुक
इन चुनौतियों को देखते हुए ब्रोकरेज ने फाइनेंशियल ईयर 2028 और 2029 के लिए Lupin के अर्निंग अनुमानों को 2% से 5% तक घटा दिया है। 2026 से 2028 के बीच प्रॉफिट आफ्टर टैक्स में गिरावट का रुझान रहने की उम्मीद है। हालांकि कंपनी अपने स्पेशलाइज्ड पाइपलाइन और बायोसिमिलर पोर्टफोलियो पर काम कर रही है, लेकिन शॉर्ट टर्म में बाजार की नजरें इस पर होंगी कि कंपनी मार्जिन दबाव को कैसे मैनेज करती है।
