फार्मा सेक्टर की दिग्गज कंपनी Lupin का Q2 प्रदर्शन मिला-जुला रहा है। कंपनी का रेवेन्यू **₹7,786 करोड़** पर पहुंच गया है, लेकिन अमेरिका में कड़ी प्रतिस्पर्धा और बढ़ते खर्चों के चलते नेट प्रॉफिट में **22.2%** की बड़ी गिरावट दर्ज की गई है।
Lupin Limited के लिए फाइनेंशियल ईयर 2027 की दूसरी तिमाही मिली-जुली रही। कंपनी ने कंसोलिडेटेड रेवेन्यू में 14% की शानदार ग्रोथ दर्ज करते हुए इसे ₹7,786 करोड़ तक पहुंचाया है। हालांकि, टॉप-लाइन में इस मजबूती के बावजूद नेट प्रॉफिट 22.2% गिरकर ₹1,155 करोड़ रह गया है, जिसका मुख्य कारण इम्पेयरमेंट लॉस और बढ़ते ऑपरेशनल खर्च हैं।
अमेरिकी बाजार में बढ़ती चुनौती
Lupin के मुनाफे पर सबसे ज्यादा दबाव अमेरिकी मार्केट से आया है, जहां कंपनी को कड़ी प्रतिस्पर्धा का सामना करना पड़ रहा है। Tolvaptan और Mirabegron जैसी दवाओं के जेनेरिक वर्जन्स के बाजार में आने से प्रॉफिट मार्जिन पर चोट पहुंची है। इसके चलते EBITDA मार्जिन पिछले साल के 35.6% से गिरकर इस तिमाही में 27.9% पर आ गया है।
बढ़ते ऑपरेशनल खर्चे
मुनाफे में कमी का एक बड़ा कारण ऑपरेशनल खर्चों का बेतहाशा बढ़ना भी है। कंपनी के पर्सनल एक्सपेंसेस में 28.8% और मैन्युफैक्चरिंग लागत में 23.2% का इजाफा हुआ है। साथ ही, कंपनी ने आरएंडडी (R&D) में निवेश जारी रखा है, जो लॉन्ग-टर्म के लिए तो अच्छा है, लेकिन इसने फिलहाल बॉटम लाइन पर दबाव बढ़ा दिया है।
मैनेजमेंट का आउटलुक
इन चुनौतियों के बावजूद, मैनेजमेंट ने फाइनेंशियल ईयर 2027 के लिए 24% से 25% का ऑपरेटिंग मार्जिन गाइडेंस बरकरार रखा है। कंपनी अब अपने स्पेशलाइज्ड पाइपलाइन पर दांव लगा रही है। भविष्य की ग्रोथ को लेकर मैनेजमेंट ने संकेत दिए हैं कि 2028 फाइनेंशियल ईयर में Apixaban जैसे नए लॉन्चेस से कंपनी को काफी उम्मीदें हैं। अब निवेशकों की नजर इस बात पर होगी कि क्या ये नए लॉन्चेस पुरानी दवाओं से हो रहे नुकसान की भरपाई कर पाएंगे और कंपनी अपने खर्चों को कैसे कंट्रोल करती है।
