Lumino Industries IPO: 27 अगस्त को खुल रहा है मौका, जानें प्राइस बैंड और पूरी डिटेल्स

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AuthorNeha Patil|Published at:
Lumino Industries IPO: 27 अगस्त को खुल रहा है मौका, जानें प्राइस बैंड और पूरी डिटेल्स

पावर सेक्टर की कंपनी Lumino Industries अपना **₹700 करोड़** का IPO लेकर आ रही है। इसका प्राइस बैंड **₹78–₹82** प्रति शेयर तय किया गया है। 27 अगस्त 2026 को खुलने वाले इस इश्यू में कंपनी मुख्य रूप से कर्ज चुकाने पर फोकस कर रही है, जिस पर ब्रोकरेज फर्म Anand Rathi ने लंबी अवधि के लिए सब्सक्राइब करने की सलाह दी है।

Lumino Industries अपना इनिशियल पब्लिक ऑफरिंग (IPO) 27 अगस्त 2026 को लॉन्च करने के लिए तैयार है, जो 31 अगस्त 2026 तक खुला रहेगा। यह कंपनी पावर ट्रांसमिशन और डिस्ट्रीब्यूशन सेक्टर में EPC सेवाएं देने का काम करती है। कंपनी ने इसके लिए ₹78–₹82 का प्राइस बैंड रखा है। बाजार में उतरने से पहले ही कंपनी ने एंकर निवेशकों से ₹207 करोड़ जुटा लिए हैं, जो संस्थागत निवेशकों के मजबूत भरोसे को दर्शाता है।

बिजनेस मॉडल और फाइनेंशियल्स

कंपनी पावर इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए जरूरी कल-पुर्जे जैसे कंडक्टर्स, पावर केबल्स और स्पेशलाइज्ड वायरिंग बनाने का काम करती है। आधुनिक ग्रिड सेटअप के लिए यह हाई-टेम्परेचर, लो-सैग कंडक्टर्स भी सप्लाई करती है। फाइनेंशियल ईयर 2026 के नतीजों में कंपनी का ऑपरेटिंग EBITDA मार्जिन 11.7% रहा है।

इस IPO के जरिए कुल ₹700 करोड़ जुटाए जा रहे हैं, जिसमें ₹500 करोड़ का फ्रेश इश्यू और ₹200 करोड़ का ऑफर फॉर सेल (OFS) शामिल है। कंपनी की योजना इसमें से ₹337 करोड़ का इस्तेमाल अपने पुराने कर्ज को चुकाने में करने की है, जबकि ₹15 करोड़ का निवेश विस्तार (Expansion) के लिए किया जाएगा।

ब्रोकरेज की राय और वैल्यूएशन

ब्रोकरेज फर्म Anand Rathi ने इस IPO को 'Subscribe - Long Term' की रेटिंग दी है। फर्म का मानना है कि कंपनी का दशकों पुराना अनुभव और पावर सेक्टर में मजबूत ऑर्डर बुक इसे बेहतर बनाती है। ₹82 के ऊपरी प्राइस बैंड पर, कंपनी का पोस्ट-इश्यू मार्केट कैप ₹2,497.3 करोड़ है। इसका P/E रेशियो 15.5x और EV/EBITDA मल्टीपल 9.6x है।

जोखिम और सतर्कता

हालांकि ऑर्डर बुक मजबूत है, लेकिन निवेशकों को कंपनी के कर्ज पर ध्यान देना चाहिए। जुलाई 2026 तक कंपनी पर कुल ₹1,856.7 करोड़ का कर्ज है। भारी कर्ज के कारण ब्याज भुगतान का बोझ बना रहता है, जिसे कम करने के लिए ही IPO के पैसों का इस्तेमाल किया जा रहा है। इसके अलावा, कॉपर और एल्युमीनियम जैसे कच्चे माल की कीमतों में उतार-चढ़ाव मार्जिन को प्रभावित कर सकता है। निवेशकों को सलाह है कि वे सब्सक्रिप्शन डेटा और कंपनी के डेट रिडक्शन प्लान पर नजर बनाए रखें।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.