शेयर बाजार के निवेशकों के लिए अच्छी खबर है। Lotusdew Wealth के अभिषेक बनर्जी का मानना है कि घरेलू आर्थिक मजबूती और बढ़ती कंजम्पशन के दम पर Nifty 50 साल 2026 के अंत तक नए रिकॉर्ड हाई को छू सकता है।
बाजार की तेजी के पीछे क्या है दम?
बाजार के जानकारों का मानना है कि भारतीय बाजार ग्लोबल अनिश्चितताओं के बावजूद अपनी चाल बरकरार रखेगा। Lotusdew Wealth के फाउंडर अभिषेक बनर्जी के मुताबिक, भारत का जीडीपी ग्रोथ, इंफ्रास्ट्रक्चर पर जोरदार खर्च और GST कलेक्शन में लगातार बढ़ोतरी इस तेजी के मुख्य इंजन हैं। बढ़ती प्रति व्यक्ति आय (Per-capita income) भी भारतीय शेयरों को ग्लोबल तनाव और कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव से सुरक्षा प्रदान कर रही है।
ये सेक्टर रहेंगे रडार पर
फर्म ने तीन मुख्य क्षेत्रों की पहचान की है जो इस आर्थिक चक्र में सबसे ज्यादा चमक सकते हैं:
- हेल्थकेयर: इंश्योरेंस की पैठ बढ़ने और स्वास्थ्य पर बढ़ते खर्च के कारण यह लॉन्ग-टर्म ग्रोथ का मुख्य केंद्र है।
- कंज्यूमर डिस्क्रिशनरी: लोगों की डिस्पोजेबल इनकम बढ़ने का सीधा फायदा रिटेल और रियल एस्टेट जैसे सेगमेंट को मिल रहा है।
- फाइनेंशियल सर्विसेज: बैंकों और अन्य वित्तीय संस्थानों के लिए क्रेडिट डिमांड लगातार बनी हुई है, जिससे इनकी ग्रोथ की रफ्तार बनी रहेगी।
IT सेक्टर में एआई (AI) का बड़ा बदलाव
IT सर्विसेज इंडस्ट्री में एआई का प्रभाव महज एक चुनौती नहीं, बल्कि एक स्ट्रक्चरल बदलाव है। हालांकि, एआई की वजह से एंट्री-लेवल रोल्स और मिडिल मैनेजमेंट पर दबाव जरूर है, लेकिन यह सॉफ्टवेयर प्रोजेक्ट्स को अधिक कुशल बनाकर मार्केट के दायरे को बढ़ा भी रहा है।
जोखिम और निवेश की रणनीति
निवेशकों को कुछ चीजों पर बारीक नजर रखने की जरूरत है:
- ग्लोबल रिस्क: जियो-पॉलिटिकल तनाव बाजार में कभी भी अस्थिरता पैदा कर सकते हैं।
- FII इनफ्लो: विदेशी निवेशकों का पैसा भारतीय बाजार में किस तरफ जा रहा है, इसे ट्रैक करना जरूरी है।
- महंगाई और पॉलिसी: ग्लोबल मॉनेटरी पॉलिसी में होने वाले बदलाव और अमेरिकी ट्रेजरी यील्ड पर भी नजर रखनी होगी, क्योंकि यह फिक्स्ड-इनकम इंस्ट्रूमेंट्स के लिए टैक्टिकल अवसर पैदा कर सकते हैं।
