ब्रोकरेज का भरोसा: Delhivery और Britannia क्यों बने पसंदीदा?
Motilal Oswal Financial Services ने लॉजिस्टिक्स कंपनी Delhivery और FMCG दिग्गज Britannia Industries को अपने निवेश पोर्टफोलियो के लिए खास तौर पर चुना है। ब्रोकरेज हाउस का मानना है कि इन दोनों कंपनियों में काफी दम है और आने वाले समय में इनके शेयर जबरदस्त उछाल दिखा सकते हैं।
Delhivery: नेटवर्क का विस्तार और मुनाफे में तेजी
Motilal Oswal ने Delhivery पर कड़ा भरोसा जताते हुए इसके टारगेट प्राइस को ₹570 रखा है, जो मौजूदा भाव ₹420 से करीब 36% ज्यादा है। इस तेजी की मुख्य वजह Ecom Express का सफल अधिग्रहण है, जिसने लॉजिस्टिक्स सेक्टर में कंपनी की स्थिति को और मजबूत किया है। छोटे लॉजिस्टिक्स प्लेयर्स के मार्जिन पर पड़ रहे दबाव का फायदा उठाते हुए Delhivery अपना नेटवर्क बढ़ा रही है।
तिमाही दर तिमाही कंपनी की परफॉरमेंस सुधर रही है। Q3 FY26 में, Delhivery का EBITDA मार्जिन बढ़कर 7.4% हो गया। यह उछाल एक्सप्रेस पार्सल और पार्ट ट्रक लोड (PTL) सेगमेंट में मजबूत वॉल्यूम के कारण संभव हुआ। सेगमेंट-लेवल मार्जिन 18.1% और 11% तक पहुंच गया, जो कंपनी की ऑपरेटिंग स्केल को भुनाने और रेवेन्यू बढ़ाने की क्षमता को दर्शाता है। कंपनी भारी-भरकम निवेश के दौर से बाहर निकल चुकी है, जिससे फ्री कैश फ्लो में तेजी आने की उम्मीद है। मैनेजमेंट का लक्ष्य कोर ट्रांसपोर्टेशन में 16-18% का स्टेबल मार्जिन बनाए रखना है, जिसे सप्लाई चेन सर्विसेज और नए वेंचर्स से अतिरिक्त सपोर्ट मिलेगा।
Delhivery का मार्केट कैपिटलाइजेशन फिलहाल करीब ₹31,469 करोड़ है, और इसका TTM P/E रेश्यो लगभग 175 है। यह वैल्यूएशन निवेशकों की भविष्य की ग्रोथ की उम्मीदों को दर्शाता है। भारतीय लॉजिस्टिक्स सेक्टर 2026 तक 10.7% CAGR की दर से बढ़ने की उम्मीद है, जो ई-कॉमर्स और सरकारी नीतियों का नतीजा है।
Britannia Industries: FMCG सेक्टर में मार्जिन की मजबूती
Motilal Oswal ने Britannia Industries के लिए ₹7150 का टारगेट प्राइस दिया है, जो मौजूदा भाव ₹5971 से लगभग 20% की बढ़ोतरी का संकेत देता है। Q3 FY26 में, कंपनी की रेवेन्यू ग्रोथ 9.5% रही, जो शुरुआती GST-संबंधित ट्रेड व्यवधानों के बाद सामान्य हुई है।
सबसे खास बात यह रही कि कंपनी के ग्रॉस मार्जिन में 450 बेसिस पॉइंट्स का जबरदस्त इजाफा हुआ और यह 43.3% पर पहुंच गया। इसका श्रेय स्थिर कमोडिटी कीमतों को जाता है, जिसके चलते EBITDA मार्जिन 20.7% और एडजस्टेड प्रॉफिट आफ्टर टैक्स (APAT) में 23% की सालाना बढ़ोतरी दर्ज की गई। कंपनी अपने कम कीमत वाले (INR5/INR10) पैक्स पर फोकस कर रही है, ई-कॉमर्स में अपनी मौजूदगी बढ़ा रही है और नए नेतृत्व में ब्रांडिंग पर जोर दे रही है, जिससे भविष्य में कमाई की रफ्तार बनी रहने की उम्मीद है।
Britannia का मार्केट कैपिटलाइजेशन लगभग ₹1.44 ट्रिलियन है, और इसका TTM P/E रेश्यो करीब 59.6 है। FMCG सेक्टर में HUL, ITC और Nestle India जैसी कंपनियां भी मजबूत खिलाड़ी हैं, वहीं Nestle India का P/E रेश्यो लगभग 73-75 के आसपास है। भारतीय FMCG सेक्टर 2026 में हाई सिंगल-डिजिट वॉल्यूम ग्रोथ देख सकता है।
जोखिमों पर भी नजर
हालांकि दोनों कंपनियों के लिए आउटलुक सकारात्मक है, कुछ जोखिमों पर ध्यान देना जरूरी है। Delhivery के लिए, 175 का हाई P/E रेश्यो बताता है कि उसकी ग्रोथ की उम्मीदें पहले से ही कीमत में शामिल हैं। Ecom Express के इंटीग्रेशन में कोई गड़बड़ी, Blue Dart जैसे बड़े खिलाड़ियों से कड़ी प्रतिस्पर्धा या ई-कॉमर्स ग्रोथ में मंदी उसके लक्ष्यों को प्रभावित कर सकती है।
Britannia Industries के लिए, 59.6 का P/E रेश्यो दर्शाता है कि इसका वैल्यूएशन प्रीमियम है और इसमें गलती की गुंजाइश कम है। प्रतिस्पर्धी कंपनियों से मुकाबला, उपभोक्ताओं की बदलती पसंद (जैसे हेल्दी प्रोडक्ट्स की ओर झुकाव) और भविष्य में लागत बढ़ने पर कीमतों को बिना वॉल्यूम गंवाए बढ़ाने की क्षमता अहम चुनौतियां हैं।
भविष्य की राह
विश्लेषकों का मानना है कि FY2027-28 तक Britannia Industries के रेवेन्यू में 12% CAGR और प्रॉफिट आफ्टर टैक्स में 14% CAGR की ग्रोथ संभव है। Delhivery के लिए, विश्लेषकों ने औसतन ₹530.57 का 1-साल का प्राइस टारगेट दिया है, जो 26% की संभावित अपसाइड दर्शाता है। लॉजिस्टिक्स और FMCG दोनों ही सेक्टरों में डिमांड में सुधार, तकनीकी एकीकरण और बदलते उपभोक्ता व्यवहार जैसे अनुकूल कारक इन कंपनियों के लिए ग्रोथ का एक मजबूत आधार प्रदान करते हैं।