स्टॉकब्रोकिंग स्टार्टअप Lemonn अब 'SmartInvest' टूल के साथ रिटेल मार्केट में अपनी पकड़ मजबूत कर रहा है। कंपनी अब बेसिक ट्रेडिंग से हटकर ऑटोमेटेड स्ट्रैटेजीज पर फोकस कर रही है, जिसके जरिए इसके एक्टिव यूजर्स की संख्या **98,000** तक पहुंच गई है।
स्मार्ट इन्वेस्टमेंट की ओर बढ़ते कदम
NU Investors Technologies का ब्रांड 'Lemonn' अब केवल एक एग्जीक्यूशन प्लेटफॉर्म नहीं रहा। मार्च 2026 में लॉन्च किया गया 'SmartInvest' अब रिटेल यूजर्स को प्री-बिल्ट और नियम-आधारित ट्रेडिंग स्ट्रैटेजीज (rule-based trading strategies) दे रहा है। इसका सबसे बड़ा फायदा यह है कि आम निवेशकों को अब API मैनेजमेंट जैसी जटिल तकनीकी स्किल्स की जरूरत नहीं है।
कंपनी की ग्रोथ और कमाई का जरिया
इस नए बिजनेस मॉडल के साथ कंपनी ने शानदार रफ्तार पकड़ी है। कंपनी के रिटेल ऑर्डर वॉल्यूम में पिछले साल के मुकाबले 9 गुना की जबरदस्त बढ़ोतरी हुई है। फिलहाल कंपनी का 70% रेवेन्यू ट्रांजेक्शन ब्रोकरेज से आता है, जबकि 30% हिस्सा मार्जिन ट्रेडिंग फैसिलिटी से मिलने वाली ब्याज आय (interest income) से आता है। इसमें 'Power SIP' प्रोडक्ट का अहम योगदान है, जो निवेशकों को उधार ली गई पूंजी के साथ SIP करने की सुविधा देता है।
रिस्क और चुनौतियां
तेजी के साथ ही निवेशकों को कुछ बातों का ध्यान रखना जरूरी है। एल्गोरिथम ट्रेडिंग में तकनीकी खामियों या बाजार में अचानक आए बड़े बदलावों के कारण तेजी से नुकसान हो सकता है। इसके अलावा, मार्जिन ट्रेडिंग यानी उधार लेकर ट्रेडिंग करना जोखिम भरा है। बाजार में भारी उतार-चढ़ाव आने पर छोटे निवेशकों की पूंजी तेजी से साफ हो सकती है, जिससे कंपनी पर भी बैड डेट्स का दबाव बढ़ सकता है।
रेगुलेटरी नजर और भविष्य की राह
भारतीय शेयर बाजार में ब्रोकरेज इंडस्ट्री SEBI की कड़ी निगरानी में है। भविष्य में मार्जिन नियमों या एल्गोरिथम प्रोडक्ट्स के मार्केटिंग नियमों में बदलाव का सीधा असर Lemonn के रेवेन्यू पर पड़ सकता है। कंपनी फिलहाल PeepalCo ग्रुप की फंडिंग से चल रही है। अब आगे कंपनी का ध्यान कमोडिटी और फिक्स्ड इनकम जैसे सेगमेंट्स में उतरने पर है, जहां सफलता इस बात पर निर्भर करेगी कि वे कितनी सावधानी से रिस्क मैनेजमेंट और रेगुलेटरी नियमों का पालन करते हैं।
