Laurus Labs ने शानदार दूसरी तिमाही नतीजों के दम पर बाजार में जोश भर दिया है। कंपनी का नेट प्रॉफिट दोगुना होकर **₹436 करोड़** पर पहुंच गया है, जिसके चलते इसके शेयरों ने नया **52-वीक हाई** दर्ज किया है।
शुक्रवार को नेशनल स्टॉक एक्सचेंज पर Laurus Labs के शेयरों में तूफानी तेजी देखने को मिली। शेयर 3.81% उछलकर ₹2,343 के इंट्राडे पीक पर पहुंच गए। यह तेजी कंपनी के सितंबर तिमाही के दमदार नतीजों का नतीजा है, जो बाजार के अनुमानों से काफी बेहतर रहे हैं।\n\n### नतीजों का लेखा-जोखा\n\nकंपनी का कंसोलिडेटेड रेवेन्यू ₹2,206 करोड़ रहा, जो पिछले साल की इसी अवधि के मुकाबले 33% ज्यादा है। कंपनी का नेट प्रॉफिट पिछले साल के ₹194 करोड़ से बढ़कर ₹436 करोड़ हो गया। इस शानदार परफॉर्मेंस के पीछे CDMO (स्मॉल मॉलिक्यूल्स) सेगमेंट का हाथ है, जिसने 86% की रेवेन्यू ग्रोथ दर्ज की है। बेहतर प्रोडक्ट मिक्स और करेंसी के अनुकूल हालातों के चलते कंपनी का EBITDA मार्जिन 34% रहा है।\n\n### भविष्य की रणनीति और नए एक्विजिशन\n\nLaurus Labs अब केवल पारंपरिक बिजनेस तक सीमित नहीं रहना चाहती। कंपनी ने कनाडा की Galenvs Sciences में 60% हिस्सेदारी और हैदराबाद की SI & C Resins में 52% हिस्सेदारी खरीदने का ऐलान किया है। यह कदम कंपनी को पेप्टाइड और ओलिगोन्यूक्लियोटाइड जैसे हाई-मार्जिन बिजनेस की ओर ले जाएगा।\n\n### निवेशकों के लिए चेतावनी और क्या देखें?\n\nतेजी के साथ-साथ कुछ चुनौतियां भी हैं। इंटरनेशनल एक्विजिशन का एकीकरण (Integration) आसान नहीं होता—इसमें कल्चरल तालमेल और टेक्नोलॉजी ट्रांसफर जैसे रिस्क होते हैं। इसके अलावा, फार्मा सेक्टर में ग्लोबल रेगुलेटरी नियमों का पालन बेहद जरूरी है।\n\nब्रोकरेज हाउस FY27 और FY28 के अर्निंग एस्टिमेट्स को 30% तक बढ़ा चुके हैं। हालांकि, लॉन्ग टर्म में निवेशकों को इस बात पर नजर रखनी चाहिए कि कंपनी मार्जिन को कैसे सस्टेन करती है और नई कैपेसिटी को कितनी तेजी से चालू करती है।
